डेस्क खबर

जमीरा पाठ सीएमडीसी की बॉक्साइड खदान में भारी लापरवाही, ठेका कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

परियोजना में फर्स्ट एड की सुविधा, न बैठने के लिए शेड,सुरक्षा मानकों की खुली पोल डेंजर जोन और चेतावनी बोर्ड तक नदारद



राहुल गुप्ता

डेस्क खबर /कुसमी: बलरामपुर जिले के  अनुविभाग कुसमी अंतर्गत सामरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत जमीरापाठ के डूमरपाट स्थित बॉक्साइट खदान में श्रमिक सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी सामने आई है। भारी मशीनरी और बॉक्साइड पत्थरों के बीच मजदूर बिना बुनियादी सुरक्षा उपकरणों के बॉक्साइड पथल तोड़ने ओर चटा लगाने का काम कर रहे हैं।वही जब मौके पर मीडियाकर्मी अचानक पहुंची तो कार्यस्थल पर हड़कंप सा मच गया परियोजना में जो मजदूर अब तक नंगे सिर ओर बिना ग्लब्स,मास्क के काम कर रहे थे, वे आनन-फानन में हेलमेट ढूंढकर सिर पर लगाने लगे। इस घटना से ऐसा प्रतीत होता है कि यहां सुरक्षा नियमों का पालन केवल दिखावे के लिए किया जा रहा है। मंगलवार को जब ग्राम पंचायत जमीरापाठ के बॉक्साइट खदान में मीडियाकर्मी पहुंचे  तब बड़ी संख्या में मजदूर बिना हेलमेट और बिना मास्क के सीधे धूल व पत्थरों के बीच काम कर रहे थे पत्रकारों को देखते ही माइनस के कर्मचारियों में हलचल काफी तेज हो गई और मजदूरों को हेलमेट पहने को बोला जाने लगा इससे पूर्व तक कुछ मजदूरों को छोड़ कई मजदूर तेज धूप में बिना हेलमेट पीपीई किट का उपयोग किए पत्थल तोड़ने के काम में जुटे हुए थे।



पेयजल,फर्स्ट एड व विश्राम शेड का अभाव
खनन नियमों के तहत कार्यस्थल पर स्वच्छ पेयजल फर्स्ट एड रूम प्रशिक्षित फर्स्ट एडर और आपातकालीन वाहन की उपलब्धता अनिवार्य है लेकिन जमीरापाठ के इस खदान में मौके पर पीने के पानी तक का प्रबंध नहीं था। प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था नहीं पाई गई जिससे किसी मजदूर के चोटिल होने पर तत्काल राहत मिलना संभव नहीं है इसके अलावा तेज धूप अथवा बारिश से बचाव हेतु मजदूरों के लिए रेस्ट शेल्टर अथवा बैठने की कोई सुविधा मौके पर नहीं थी। मजदूर खुली धूप में ही बैठने व विश्राम लेने के लिए मजबूर है



ब्लास्टिंग के संकेतक व बोर्ड नदारद
खदान ब्लास्टिंग के दौरान न कोई सायरन की पुख्ता व्यवस्था है और न ही आसपास चल रहे राहगीर और मवेशियों को सतर्क करने के लिए सुरक्षा घेरा बनाया गया है नाही कहीं सुरक्षा रिबन बंधा है और न ही डेंजर जोन या सतर्कता संबंधी बोर्ड लगाए गए हैं। बिना किसी सूचना बोर्ड के खदान का यह संचालन सीधे तौर पर खान सुरक्षा महानिदेशालय डीजीएमएस और माइंस रूल्स के विधिक प्रावधानों का खुला उल्लंघन है।


रोजगार को लेकर पहले से चल रहा विवाद
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत जमीरापाठ के डूमरपाट में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (सीएमडीसी) की इस बॉक्साइट खदान का उत्खनन कार्य फरीदाबाद की ठेका कंपनी मेसर्स तेजस कार्गो प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कराया जा रहा है। इस परियोजना में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के साथ-साथ स्थानीय युवाओं व भू-प्रभावित परिवारों के रोजगार का मुद्दा भी पहले से गरमाया हुआ है। ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों का आरोप रहा है कि जनसुनवाई के दौरान स्थानीय लोगों को शैक्षणिक योग्यता के अनुसार काम देने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन ठेकेदार द्वारा स्थानीय लोगों को दरकिनार कर बाहरी लोगों को मुंशी व अन्य पदों पर प्राथमिकता दी जा रही है। इसे लेकर पूर्व में भी ग्रामीणों ने एसडीएम कुसमी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष भर्ती की मांग की थी।

इस संबंध में उपेंद्र पाण्डेय उप महाप्रबंधक(खान)
छत्तीसगढ़ मिनिरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने कहा कि यदि मजदूर पीपीई किट का उपयोग नहीं कर रहे है तो आदेश जारी कर देता हु,रोजगार के संबंध में उन्होंने कहा कि मजदूर हो या सुपरवाइजर भू स्वामी को प्राथमिकता मिलेगी,इस संबंध में जानकारी लेता हु।

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