डेस्क खबर

कोन्टा में पोलावरम बांध के विरोध में कांग्रेस का विशाल जन आक्रोश रैली एवं सभा*

सतेंद्र गुप्ता

डेस्क खबर *कोन्टा, * छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर कोन्टा में आज पोलावरम बांध के विरोध में कांग्रेस पार्टी द्वारा विशाल जन आक्रोश रैली और जनसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान पोलावरम डैम से प्रभावित होने वाले हजारों आदिवासी परिवारों ने एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज कराया,


जनसभा को संबोधित करने पहुंचे *छत्तीसगढ़ प्रदेश आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष जनक ध्रुव* ने प्रभावित जनता से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि, _”पोलावरम बांध के कारण बस्तर के सैकड़ों गांव डूब क्षेत्र में आ जाएंगे, जिससे आदिवासियों की जमीन, जंगल और उनका अस्तित्व खतरे में है। केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार आदिवासियों के हितों की अनदेखी कर रही है। कांग्रेस पार्टी आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन की लड़ाई में आखिरी सांस तक साथ खड़ी रहेगी।”_



इस अवसर पर *जिला कांग्रेस कमेटी सुकमा के अध्यक्ष हरीश कवासी लखमा* ने कहा कि, _”यह सिर्फ बांध नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता पर हमला है। पोलावरम परियोजना से कोन्टा ब्लॉक के सैकड़ों परिवार विस्थापित होंगे, लेकिन आज तक सरकार ने न तो कोई स्पष्ट पुनर्वास नीति बनाई है और न ही प्रभावितों को विश्वास में लिया है। कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक इस लड़ाई को लड़ेगी और सरकार को आदिवासियों के हक के लिए झुकना पड़ेगा।”_



जन आक्रोश सभा में सरकार से मांग की गई कि पोलावरम डूबान क्षेत्र का नए सिरे से सर्वे कराया जाए, प्रभावित परिवारों के लिए ठोस पुनर्वास और उचित मुआवजा पैकेज घोषित किया जाए और जब तक प्रभावितों की सहमति नहीं मिलती, परियोजना के काम पर रोक लगाई जाए,
*पोलावरम परियोजना के खिलाफ सुकमा में कांग्रेस का हल्ला-बोल, राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौंपा ज 7 सूत्री मांगों को लेकर सौंपा गया ज्ञापन,*



प्रदेश आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष *जनक ध्रुव* के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष *हरीश लखमा कवासी*, बीजापुर विधायक *विक्रम मंडावी*, राष्ट्रीय महिला कांग्रेस सचिव *तूलिका कर्मा*, आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष *वेको हुंगा*, ब्लॉक अध्यक्ष कोंटा *शेख नूरा अली* सहित पार्टी के सभी प्रकोष्ठ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे

*कांग्रेस की 7 प्रमुख मांगें :-*

*1.* पोलावरम से होने वाले डूब क्षेत्र का पुनः सर्वे कराया जाए।
*2.* प्रभावित परिवारों के ठोस पुनर्वास-मुआवजे तक बांध निर्माण तत्काल रोका जाए।
*3.* केंद्र सरकार हस्तक्षेप कर छत्तीसगढ़ के आदिवासी हितों की रक्षा करे।
*4.* नवीन वन अधिकार पट्टा प्रदाय किया जाए।
*5.* जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की जाए।
*6.* बेरोजगारों को स्थानीय भर्ती में प्राथमिकता और बेरोजगारी भत्ता दिया जाए।
*7.* स्मार्ट मीटर हटाकर हर गांव तक बिजली व्यवस्था पहुंचाई जाए।

नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगे नहीं मानी गई तो आदिवासी कांग्रेस पूरे बस्तर में उग्र आंदोलन करेगी।
इस विशाल जनसभा में कोन्टा, दोरनापाल, गोलापल्ली और आसपास के सैकड़ों गांवों से पहुंचे ग्रामीण, महिला समूह, युवा कांग्रेस, NSUI सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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