



डेस्क खबर रायपुर/बिलासपुर../ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर पूरे प्रदेश में शुष्क दिवस घोषित था। शराब की बिक्री पर प्रतिबंध था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती नजर आई। एक तरफ रायपुर के निजी बार में देर रात शराब बिक्री का मामला सामने आया, तो दूसरी तरफ बिलासपुर के चकरभाठा क्षेत्र में ढाबों पर कथित शराब बिक्री और ग्राहकों को शराब उपलब्ध कराने के आरोपों और वीडियो ने पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रायपुर में गांधी जयंती के दिन शुष्क दिवस के बावजूद निजी बार में देर रात शराब बिक्री का मामला सामने आया। शराब बिक्री से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई और दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया। फिलहाल गंज थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बिलासपुर में भी ड्राई डे की कथित अनदेखी! ढाबों पर क्या चल रहा था?
गांधी जयंती के दिन शराबबंदी लागू होने के बाद बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र से भी ऐसे वीडियो और तस्वीरें सामने आई थी। सूत्रों के हवाले से रायपुर रोड स्थित काली ढाबा, शुभम ढाबा और बालाजी ढाबा की गतिविधियां पड़ताल के दौरान कैमरे में कैद में कैद भी हुई थी। जिसमें देखा भी जा सकता है शुष्क दिवस के बावजूद इन ढाबों में शराब बेचने और ग्राहकों को शराब पिलाने की व्यवस्था थी। पड़ताल के दौरान शुभम ढाबा बंद मिला लेकिन ढाबे के बाहर एक युवक स्कूटी से महंगे दामों में शराब उपलब्ध कराते हुए कैमरे में कैद होने का दावा भी सूत्रों ने किया था । आरोप है कि युवक ग्राहकों को महंगी कीमत पर शराब मुहैया करा रहा था। रायपुर में वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है।

वहीं, बिलासपुर के चकरभाठा क्षेत्र में सामने आए शराब बिक्री और पिलाने की व्यवस्था के बाद किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं हो पाई है जबकि चकरभाठा क्षेत्र में स्थित इन ढाबों में लंबे समय से अंदर और बाहर खड़ी गाड़ियों में शराब पीने की पूरी व्यवस्था रहती है और इसकी जानकारी पुलिस और आबकारी विभाग सहित क्षेत्र में रहने वालो को भी है और इन ढाबों पर पहले भी आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही चकरभाठा पुलिस कर चुकी है उसके बाद भी कार्यवाही नहीं होने से सवाल उठना लाजिमी है कि जब गांधी जयंती पर जब पूरे प्रदेश में ड्राई डे था, तो शराब की कथित बिक्री आखिर किसकी निगरानी में हो रही थी?
