डेस्क खबरबिलासपुर

सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क? लोक निर्माण विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे स्कूली बच्चे



डेस्क खबर ../मरवाही मुख्य मार्ग पर जगह-जगह तालाबनुमा गड्ढे, रुमगा, दानीकुंडी,से कोटमी होते हुए मरवाही तक सड़क की बदहाल तस्वीर; साइकिल से स्कूल आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं पर मंडरा रहा हादसे का खतरा



गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। रुमगा से कोटमी होते हुए मरवाही मुख्य मार्ग तक कई स्थानों पर सड़क की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। रुमगा स्कूल के पास, पत्थरा, कोटमी, इंद्रवास और कोलेबिरा सहित कई जगहों पर सड़क पर बड़े-बड़े और तालाबनुमा गड्ढे राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।



इस मार्ग पर लगातार बढ़ रही वाहनों की आवाजाही के बीच सबसे ज्यादा चिंता स्कूल आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर है। ग्रामीण क्षेत्र के कई बच्चे साइकिल से इसी मार्ग से कोटमी स्थित स्कूल पहुंचते हैं और वापस अपने घर लौटते हैं। ऐसे में एक ओर सड़क के गहरे गड्ढे और दूसरी ओर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही, बच्चों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रही है।



क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा विभाग?

स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क की खराब स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। इसके बावजूद समय पर मरम्मत और आवश्यक रखरखाव नहीं होने से सड़क लगातार बदहाल होती जा रही है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या लोक निर्माण विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?

सड़क की स्थिति को लेकर संबंधित इंजीनियरों की जवाबदेही पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क की हालत जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में है, तो फिर समय रहते सुधार कार्य क्यों नहीं कराया जा रहा है?

स्कूली बच्चों की सुरक्षा से समझौता कब तक?

ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से तत्काल सड़क का निरीक्षण कर खतरनाक गड्ढों को भरने और आवश्यकतानुसार सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। स्कूलों के आसपास विशेष रूप से सुरक्षा उपाय किए जाने की भी जरूरत बताई जा रही है, ताकि किसी अप्रिय घटना से पहले स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

अब सवाल केवल सड़क की मरम्मत का नहीं, बल्कि उन मासूम स्कूली बच्चों की सुरक्षा का है, जो रोज इसी मार्ग से होकर स्कूल पहुंचते हैं। यदि समय रहते सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई, तो किसी संभावित दुर्घटना की जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? संबंधित विभाग और इंजीनियर इस सवाल का जवाब कब देंगे—यह देखने वाली बात होगी।

error: Content is protected !!