पहाड़ी कोरवा अंचल की बेटी कविता यादव के हाथों में प्रदेश की आंगनबाड़ी बहनों की कमान*
*सीएम विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर के सुदूर पहाड़ी कोरवा अंचल से निकलीं कविता यादव बनीं निर्विरोध प्रांताध्यक्ष*
*सात नामांकन में एक निरस्त, पांच ने लिया नाम वापस — बिलासपुर प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताईं संगठन की प्राथमिकताएं*


बिलासपुर–जशपुर के सुदूर पहाड़ी कोरवा बहुल अंचल गायबुड़ा से निकलकर प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के संगठन के शीर्ष पद तक पहुंची श्रीमती कविता यादव अब छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ पंजीयन क्रमांक 409 की प्रांताध्यक्ष होंगी। शनिवार को संपन्न निर्वाचन प्रक्रिया में कविता यादव निर्विरोध प्रांताध्यक्ष निर्वाचित घोषित की गईं।
प्रांताध्यक्ष पद के लिए कुल सात अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान एक नामांकन निरस्त हुआ, जबकि शेष छह अभ्यर्थियों में से पांच ने नाम वापस लेते हुए कविता यादव के समर्थन की घोषणा कर दी। इसके बाद मैदान में केवल कविता यादव रह गईं और उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। एक से अधिक प्रत्याशी मैदान में रहने की स्थिति में मतदान होना था, लेकिन नाम वापसी के बाद मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी।
*बिलासपुर प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस, प्रदेशभर की कार्यकर्ताओं की उम्मीदों पर बोलीं कविता*
निर्विरोध निर्वाचन के बाद बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कविता यादव ने प्रदेशभर से आए आजीवन सदस्यों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रांताध्यक्ष की जिम्मेदारी उनके लिए केवल संगठनात्मक पद नहीं, बल्कि प्रदेश की हजारों कार्यकर्ता एवं सहायिका बहनों के विश्वास की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि संगठन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हक-अधिकार, सम्मान, लंबित मांगों और जमीनी समस्याओं को शासन-प्रशासन के सामने मजबूती से रखेगा। उनका कहना था कि संगठन को मजबूत और एकजुट करते हुए दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत कार्यकर्ताओं की समस्याओं को भी प्रदेश स्तर पर प्रमुखता से उठाया जाएगा।
*जशपुर के पहाड़ी कोरवा अंचल से प्रदेश संगठन के शीर्ष तक*
कविता यादव का निर्विरोध निर्वाचन जशपुर के लिए भी खास मायने रखता है। वह बगीचा विकासखंड के पहाड़ी कोरवा बहुल अंचल गायबुड़ा से आती हैं। सुदूर आदिवासी अंचल से निकलकर प्रदेश के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संगठन की कमान तक पहुंचना उनके संगठनात्मक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
जशपुर को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले के रूप में भी जाना जाता है। साय का जन्म जशपुर जिले के बगिया गांव में हुआ था। ऐसे में इसी जिले के सुदूर पहाड़ी कोरवा अंचल से निकली कविता यादव का प्रदेश संगठन के शीर्ष पद तक पहुंचना जशपुर की सामाजिक और संगठनात्मक पहचान से जुड़ा एक उल्लेखनीय प्रसंग बन गया है।
*प्रदेशभर के आजीवन सदस्यों को मताधिकार*
संघ की निर्वाचन प्रक्रिया में प्रदेशभर के आजीवन सदस्यों को मताधिकार प्राप्त है। संघ के अनुसार करीब पांच हजार सक्रिय आजीवन सदस्य मतदाता के रूप में पात्र हैं। विभिन्न जिलों से मतदाता सूची तैयार की गई थी।
जानकारी के अनुसार 2 अगस्त को बिलासपुर के बृहस्पति बाजार में आयोजित प्रांतीय महासमिति की बैठक में प्रांताध्यक्ष के चयन को लेकर सर्वसम्मति बनाने का प्रयास किया गया था। सहमति नहीं बनने के बाद निर्वाचन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। 5 सितंबर को निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति के बाद नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की निर्धारित प्रक्रिया पूरी की गई।
*केवल प्रांताध्यक्ष पद का हुआ निर्वाचन*
इस चुनाव में फिलहाल केवल प्रांताध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हुई है। निर्विरोध निर्वाचन के बाद कविता यादव आगामी समय में महासमिति की बैठक बुलाकर संगठन की नई कार्यकारिणी का गठन करेंगी। कार्यकारिणी में प्रदेश के विभिन्न संभागों और जिलों से पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दिए जाने की बात कही गई है।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार प्रांताध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष का रहेगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुनः निर्वाचन कराया जाएगा।
*गायबुड़ा से बिलासपुर और अब पूरे छत्तीसगढ़ तक पहुंचा नेतृत्व*
कविता यादव ने कहा कि संगठन की ताकत उसकी एकजुटता में है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रदेशभर की कार्यकर्ता और सहायिका बहनों के सहयोग से संगठन उनकी समस्याओं और मांगों को मजबूती से आगे रखेगा।
निर्वाचन अवसर पर निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत मिश्रा, पीठासीन अधिकारी सुनील यादव, कविता यादव, रागिनी वाल्टर सहित संघ के पदाधिकारी एवं प्रदेशभर से आए सदस्य उपस्थित रहे।
गायबुड़ा के सुदूर पहाड़ी अंचल से शुरू हुआ कविता यादव का सफर अब बिलासपुर के प्रेस क्लब से होते हुए पूरे छत्तीसगढ़ की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की आवाज का नेतृत्व करने तक पहुंच गया है।
