डेस्क खबरबिलासपुर

बिलासपुर PWD विभाग की सुस्ती पर प्रशासनिक चाबुक! डिप्टी कलेक्टर ने दिया अधिकारी को 72 घंटे का अल्टीमेटमेटम , नहीं तो सड़क पर उतरेगा जनसैलाब…



डेस्क खबर बिलासपुर./ करोड़ो रु मंजूर होने के बाद भी बिलासपुर जिले में PWD विभाग की लापरवाही के खिलाफ जनता का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने विभाग के खिलाफ बड़े जनसैलाब के साथ आंदोलन का ऐलान कर दिया है ।जिसके बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।लोगों के आक्रोश और आंदोलन का ऐलान की खबर लगते ही डिप्टी कलेक्टर ने pwd विभाग के अधिकारी को 72 घंटे का अल्टीमेटम जारी करते हुए धूल, गड्ढे और हादसों से त्रस्त जनता की समस्या  का समाधान करने के निर्देश जारी किए है।गौरतलब है कि pwd विभाग की लापरवाही और घटिया निर्माण और तय मानक के अनुरूप काम नहीं होने से करोड़ो रु का बटरबांट किया जा रहा है कई शिकायतों के बाद भी घटिया काम के आरोप के बाद भी ठेकेदारों के खिलाफ कार्यवाही नहीं हो रही है



सीपत-कुली-खम्हरिया मार्ग अब सिर्फ बदहाल सड़क नहीं, बल्कि जवाबदेही के सवाल पर खड़ा प्रशासनिक इम्तिहान बन चुका है। वर्षों से जर्जर सड़क, दिनभर उड़ती धूल और भारी वाहनों की आवाजाही से परेशान ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। जनदर्शन में फूटे जनआक्रोश के बाद प्रशासन ने PWD की सुस्ती पर सख्त रुख अपनाते हुए अधीक्षण अभियंता ग्रोवर को 72 घंटे की मोहलत दी है।
डिप्टी कलेक्टर शिव बनर्जी ने सड़क निर्माण और तत्काल राहत कार्य शुरू करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। बड़ा सवाल यह है कि जब 19.84 करोड़ की राशि पहले ही स्वीकृत हो चुकी है, तो आखिर सड़क निर्माण अब तक फाइलों से निकलकर जमीन पर क्यों नहीं पहुंचा? करोड़ों की स्वीकृति के बावजूद जनता को धूल और गड्ढों के हवाले रखने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?


हादसे के बाद भी नहीं जागा सिस्टम!
6 सितंबर 2026 को इसी बदहाल सड़क पर हुए हादसे में करीब 35 वर्षीय महिला की मौत ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद आर्थिक सहायता का आश्वासन तो मिला, लेकिन पीड़ित परिवार को अब तक मुआवजा नहीं मिल सका।
वहीं, सड़क हादसों को लेकर सीपत थाना प्रभारी के कथित बयान ने भी ग्रामीणों का गुस्सा भड़का दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़कें जानलेवा हों और हादसे लगातार हों, तब जिम्मेदार व्यवस्था से संवेदनशील कार्रवाई की उम्मीद होती है, न कि हादसों को सामान्य बताने वाली सोच की।


अब सड़क नहीं बनी तो सड़क पर उतरेगा जनसैलाब
आंदोलन की अगुवाई कर रहे अर्जुन वस्त्रकार ने दो टूक कहा कि तैयारियां पूरी हैं। गांव-गांव बैठकें चल रही हैं और जनसंगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों को आंदोलन से जोड़ा जा रहा है। उनका दावा है कि करीब 10 हजार लोग सड़क पर उतरेंगे।
अब गेंद PWD और प्रशासन के पाले में है। 72 घंटे की मोहलत के बाद जनता कार्रवाई देखना चाहती है—एक और आश्वासन नहीं।
जनता की दो टूक मांगें
₹19.84 करोड़ से तत्काल सड़क निर्माण शुरू हो।
धूल रोकने प्रतिदिन 4-5 बार पानी का छिड़काव हो।
मृत महिला के परिजनों को तत्काल शासकीय सहायता मिले।
स्कूली समय में भारी वाहनों पर नो-एंट्री लागू हो।
कुली से खम्हरिया-सीपत तक स्ट्रीट लाइट लगाई जाए।
मांग पत्र सौंपने के दौरान अर्जुन वस्त्रकार के साथ युवा शक्ति संगठन के अजय यादव, श्याम सुंदर, वीरेंद्र सूर्या और रवि कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।अब सवाल सीधा है—72 घंटे में सड़क पर काम शुरू होगा या फिर जनता खुद सड़क पर उतरकर व्यवस्था को जगाएगी?

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