आखिरकार बिलासपुर के चर्चित थाना सरकंडा में दर्ज अपराध क्रमांक 207/2026 रानी सिंह NDPS केस में रानी सिंह को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से मिली जमानत, NDPS केस के मामले में 7 महीनों से जेल में बंद है रानी सिंह ! चर्चित ASI शैलेन्द्र सिंह के ऊपर झूठे मामले में फंसाने के परिजनों ने लगाए थे आरोप !

डेस्क खबर बिलासपुर ../ बिलासपुर थाना सरकंडा के चर्चित NDPS ACT मामले में आरोपी रानी सिंह को आखिरकार छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से आज दिनाँक 25/08/2026 को जमानत मिल गई है। रानी सिंह पिछले करीब 7 महीनों से बिलासपुर केंद्रीय महिला जेल में निरुद्ध थी इससे पहले निचली अदालत से उनकी जमानत याचिका 3 बार खारिज हो चुकी थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 फरवरी 2026 को सरकंडा पुलिस द्वारा सुबह 7.40 बजे छापामार कार्यवाही कर उनके घर की छत पर पड़े अंजान थैले के अंदर मिले नशीले पदार्थ के आधार पर में रानी सिंह को 2925 नग नशीली दवाइयों की बिक्री के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके खिलाफ NDPS Act के तहत कार्रवाई की थी और गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

इसके बाद रानी सिंह के दोनों बेटियां श्रेया सिंह एवं श्रेणी सिंह और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा लगातार पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों एवं जन प्रतिनिधियों को यह शिकायत की गई के *रानी सिंह के पति रामकिशोर सिंह (श्रीराम मेडिकल स्टोर) अशोक नगर चौक सरकंडा एवं सरकंडा थाना में पदस्थ ए,एस,आई शैलेंद्र सिंह द्वारा साजिश रच कर मिलीभगत कर झूठा फंसाया गया है और उनकी मां निर्दोष है*

बहरहाल मामले में रानी सिंह की ओर से निचली अदालत में जमानत के लिए प्रयास किए गए, लेकिन 3 बार जमानत याचिका खारिज होने के बाद रानी सिंह के परिवार द्वारा छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का रुख किया जिसमें जांच याचिका क्रमांक WPCR 489/2026 और जमानत याचिका क्रमांक MCRC 7979/2026 *अधिवक्ता शुभांक तिवारी* के मार्ग दर्शन में में दायर की गई जिसमें हाई कोर्ट ने आज 25/08/2026 को सुनवाई के बाद जांच याचिका निरस्त कर जमानत याचिका पर रानी सिंह को जमानत प्रदान कर दी।
हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने पर रानी सिंह के 7.महीनों बाद आखिरकार केंद्रीय महिला जेल बिलासपुर से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
*माननीय उच्च न्यायालय ने अपने पारित आदेश में कहा* आवेदिका के भाई द्वारा यह बताया गया के थैला उसकी बहन से नहीं बल्कि सीढ़ी के पास से मिला है एवं अभियोजन पक्ष ने भी यह स्वीकार किया है के घटना की वीडियो ग्राफी के संबंध में भारतीय साक्ष्य अधिनियम *1872 की धारा 65बी* तहत कोई प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया गया है इन परिस्थितियों में आवेदिका जमानत प्राप्त करने की पात्रता रखती है
रानी सिंह के परिवार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के पारित आदेश के लिए माननीय न्यायालय एवं अपने अधिवक्ता का भी हृदय से आभार व्यक्त किया है।







