कलेक्टर साहब ! सुन लीजिए ग्रामीणों की फरियाद ! सरकारी तंत्र पर ग्रामीणों के गंभीर आरोप ! सरकारी जमीन और आदिवासियों की भूमि हथियाने का आरोप । महावीर कोल वाशरी के खिलाफ हल्लाबोल । VIDEO..धरने में बैठे ग्रामीणों पर गिरी अवैध दीवार ।



बिलासपुर- कोटा के कई ग्राम पंचायत के ग्रामीण पिछले कई वर्ष से महावीर कोलवासरी के स्थापना और विस्तारीकरण को लेकर संघर्षरत है, आदिवासी ग्रामीण क्षेत्र में कोल वासरी को लेकर कई बार ग्रामीणों ने यह ग्राम से लेकर कलेक्ट्रेट तक की लड़ाई लड़ी है । बावजूद इसके प्रशासन का साथ अब तक उन्हें नहीं मिल पाया है, वहीं प्रशासन द्वारा कोल वासरी के विस्तारीकरण को लेकर जन सुनवाई के अयोजन की सूचना के बाद अब ग्रामीणों ने एक बार फिर से विरोध के स्वर ऊंचे कर दिए हैं । वहीं प्रस्तावित जगह पर लगातार ग्रामीणों द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है, धरना के दौरान मौसम की मार भी ग्रामीणों को लगी है प्रदर्शन के दौरान आंधी तूफान चलने की वजह से कोलवाश्री द्वारा अवैध निर्माणाधीन दीवार ग्रामीण पर भरभरा कर गिर गई जिससे आधा दर्जन ग्रामीण रूप से घायल हो गए, जिन्हें मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है.।
कोलवासरी को लेकर ग्राम खरगहनी, खरगना, पथर्रा, छेरकाबांधा समेत कई ग्राम पंचायत के लोग कई वर्षों से संघर्षरत है, वही ग्रामीणों का आरोप है कि, कोल वासरी के संचालक द्वारा गलत तरीके से आदिवासियों की जमीन को अधिकरण कर कोल वासरी को स्थापित किया गया है इतना ही नहीं एनजीटी के गाइडलाइन को भी दरकिनार कर उसका संचालन किया जा रहा है, प्रशासन पर भी ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा था कि प्रशासन वासरी संचालक के पक्ष में काम करता है, कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान सांठ गांठ कर उसे कोलवासरी स्थापित करने की परमिशन दे दी गई थी अब विस्तारीकरण को लेकर भी इसी तरह का रवैया प्रशासन द्वारा अपनाया जा रहा है..जिसके खिलाफ ग्रामीण एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर महावीर कोल वाशरी के विरोध में धरने में बैठ गए है ।वहीं पूरे मामले में पर्यावरण अधिकारी भी बात करने से बचते नजर आते है ,और अपने ऊपर आरोपों की गेंद को कलेक्टर के पाले में डालकर अपने आप को पाक साफ साबित कर जिले के मुखिया को सवालों के घेरे में खड़े कर रहे है .?