डेस्क खबर

धान घोटाले के आरोपी ने की टायलेट की हाथों से सफाई ..कलेक्ट्रेट के शौचालय की सफाई का वीडियो वायरल, मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला। बड़ा सवाल आखिर किसके आदेश पर कराई गई सफाई? कलेक्टर ने किया चौंकाने वाला खुलासा ..



डेस्क खबर सक्ती../ धान की कथित अनियमितता के मामले में आरोपी बताए जा रहे पूर्व संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत का कलेक्ट्रेट परिसर के शौचालय की सफाई करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। मामला अब छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग तक पहुंचने की बात सामने आ रही है।महंत सेवा सहकारी समिति पुटीडीह में करीब 1 करोड़ 16 लाख 87 हजार रुपये के 3770 क्विंटल धान की कथित अनियमितता के मामले में आरोपी बताए जा रहे हैं। इसी बीच उनका कलेक्ट्रेट परिसर में शौचालय साफ करते हुए वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वह हाथों से टायलेट साफ करता हुआ नजर आ रहा है।



वीडियो ने खड़े किए कई सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर महंत से कलेक्ट्रेट के शौचालय की सफाई क्यों कराई गई? क्या उन्होंने खुद सफाई की या किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी के निर्देश पर उनसे यह काम कराया गया?महंत की ओर से मानव अधिकार आयोग में की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्हें शौचालय की सफाई करने के लिए मजबूर किया गया। हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।



कलेक्टर ने बताया प्रोपेगेंडा
वहीं कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने वायरल वीडियो को प्रोपेगेंडा बताया है। कलेक्टर के इस बयान के बाद मामला और गरमा गया है। अब सवाल यह है कि यदि वीडियो को प्रोपेगेंडा बताया जा रहा है, तो शौचालय की सफाई करते हुए सामने आए वीडियो की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं?


जांच से खुलेगा ‘झाड़ू’ का राज
मामले में अब यह जांच का विषय बन गया है कि शशिकांत महंत से सफाई किस परिस्थिति में कराई गई, वहां कौन-कौन मौजूद था और क्या किसी अधिकारी ने इसके लिए निर्देश दिए थे।
धान की कथित अनियमितता के आरोप से लेकर कलेक्ट्रेट के शौचालय की सफाई तक पहुंची यह कहानी कई सवाल छोड़ रही है। अब देखना होगा कि मानव अधिकार आयोग की जांच में ‘टायलेट’ के पीछे की असली कहानी क्या सामने आती है।

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