
रिपोर्ट : अरविंद सिंह
डेस्क खबर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर भाजपा नेताओं की ओर से बधाई संदेश जारी नहीं किए जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के प्रभारी एवं पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत पूरी भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
गुलाब कमरों ने आरोप लगाया कि आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासी समाज के हितों को वह प्राथमिकता नहीं मिल रही, जिसकी उम्मीद समाज ने की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को निशाने पर लेते हुए कहा कि “साय सिर्फ मुखौटा मुख्यमंत्री बनकर रह गए हैं।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से सरल और सहज हो सकते हैं, लेकिन सरकार के निर्णयों और नीतियों का वास्तविक लाभ किसे मिल रहा है, यह प्रदेश की जनता देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का फायदा उद्योगपतियों को पहुंचाया जा रहा है, जबकि आदिवासी समाज के अधिकार, शिक्षा और विकास के मुद्दे पीछे छूटते जा रहे हैं।
आदिवासी मुख्यमंत्री, फिर भी समाज के सामने सवाल क्यों?
पत्रकारों से चर्चा के दौरान गुलाब कमरों ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भले ही प्रदेश का मुख्यमंत्री आदिवासी नहीं रहा हो, लेकिन आदिवासी समाज के हितों में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि आज जब प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री है, तो फिर आदिवासी समाज अपने अधिकारों और विकास को लेकर सवाल क्यों उठा रहा है?
हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि यदि भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनती है तो क्या आदिवासी मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, इस पर कमरों ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के चयन का फैसला संगठन और पार्टी आलाकमान करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनाने में आदिवासी समाज की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व करेगा।
शराबबंदी के वादे पर कांग्रेस का हमला
शराबबंदी को लेकर भी कांग्रेस ने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया। गुलाब कमरों ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद स्थिति बदल गई।
उन्होंने दावा किया कि आज भी कई इलाकों में खुलेआम शराब की बिक्री हो रही है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि जब चुनाव के दौरान 100 प्रतिशत शराबबंदी का वादा किया गया था, तो सरकार बनने के बाद उस वादे को पूरा करने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए?
शिक्षा व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा
आदिवासी अंचलों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। गुलाब कमरों ने कहा कि स्कूलों को बंद किए जाने या शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों का सबसे ज्यादा असर दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों पर पड़ता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस समाज को शिक्षा के जरिए आगे बढ़ाने की जरूरत है, उसी समाज के बच्चों की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि आदिवासी समाज की तरक्की के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है, लेकिन सरकार की नीतियां इस दिशा में बाधा बनती दिखाई दे रही हैं।
बधाई संदेश तक नहीं… कांग्रेस ने उठाया सवाल
विश्व आदिवासी दिवस पर भाजपा नेताओं की ओर से बधाई संदेश जारी नहीं किए जाने को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाया। कमरों ने इसे आदिवासी समाज के प्रति भाजपा की सोच से जोड़ते हुए कहा कि जिस दिन पूरी दुनिया आदिवासी समाज के अधिकारों और योगदान को सम्मान देती है, उस दिन प्रदेश में सत्तारूढ़ दल के नेताओं की चुप्पी सवाल खड़े करती है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आदिवासी समाज को राजनीतिक मंचों पर प्रतिनिधित्व देने भर से उसकी समस्याएं खत्म नहीं होंगी। इसके लिए शिक्षा, रोजगार, अधिकार, संसाधनों पर हिस्सेदारी और सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर ठोस काम करना होगा।कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए कहा कि आदिवासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार में यदि आदिवासी समाज ही अपने अधिकारों और विकास को लेकर सवाल पूछ रहा है, तो सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
