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GPM: के ग्राम सिवनी में  विश्व हाथी दिवस पर “संवाद” बना उम्मीद की नई किरण, कलेक्टर-DFO ने मिलकर कहा – “संघर्ष नहीं, सह-अस्तित्व है समाधान




*रिपोर्ट _ अरविंद सिंह*

डेस्क खबर _गौरेला-पेंड्रा-मरवाही../विश्व हाथी दिवस के अवसर पर जिले में मानव-हाथी संघर्ष को खत्म करने के लिए प्रशासन ने एक नई पहल की। वन विभाग द्वारा आयोजित ग्राम सिवनी “संवाद – मानव-हाथी संघर्ष से प्रभावित परिवारों के साथ एक आत्मीय संवाद” कार्यक्रम में कलेक्टर और DFO ने एक मंच से ग्रामीणों को त्वरित राहत और दीर्घकालीन संरक्षण का रोडमैप दिया। 
*”आपकी पीड़ा को समझने, आपकी बात सुनने और आपके साथ खड़े रहने की एक पहल!”*


#### *कलेक्टर: “जल्द से जल्द में मुआवजा, गांव-गांव बनेगा हाथी मित्र दल”*
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर ने कहा कि *मानव-हाथी संघर्ष अब सिर्फ वन विभाग की नहीं, पूरे प्रशासन की प्राथमिकता है*। उन्होंने 3 बड़ी घोषणाएं कीं:



1.  *त्वरित मुआवजा:* हाथी द्वारा फसल, घर या जान-माल के नुकसान का मुआवजा अब *जल्द से जल्द कार्य दिवस के भीतर सीधे बैंक खाते में* भेजा जाएगा। इसके लिए प्रत्येक तहसील में नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे।
2.  *हाथी मित्र दल:* जिले के 50 सबसे संवेदनशील गांवों में युवाओं का “हाथी मित्र दल” बनाया जाएगा। इन्हें प्रशिक्षण, टॉर्च, सायरन इत्यादि दिया जाएगा।
3.  *अलर्ट सिस्टम:* हाथी के मूवमेंट की सूचना अब व्हाट्सएप ग्रुप एवं ऐप सायरन के जरिए 30 मिनट के अंदर गांव तक पहुंचेगी।

कलेक्टर ने कहा, *”हमारा लक्ष्य साफ है – एक भी परिवार मुआवजे के लिए भटके नहीं। प्रशासन आपकी पीड़ा को समझता है। हाथी हमारे जंगल की शान हैं और हमारा कर्तव्य है कि इंसान और हाथी दोनों सुरक्षित रहें।”* उन्होंने प्रभावित परिवारों से कहा कि डरें नहीं, सीधे कलेक्ट्रेट में संपर्क करें।



#### *DFO: “जंगल बचेगा तो हाथी बचेगा, हाथी बचेगा तो हम बचेंगे”*
DFO ने संघर्ष की जड़ पर बात की। उन्होंने कहा, *”इस प्रकार से जलवायु परिवर्तन हुआ या एक अंधाधुंध विकास हुआ उसके कारण बहुत तेजी से वनों का ह्रास होना चालू हो गया है। इस चुनौती में ना सिर्फ जो स्थानीय ग्रामीण है नागरिक है उनको कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि जो वहाँ पे वन्य प्राणी निवास करते हैं उन्हें भी अनेकों प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।”*

DFO ने बताया कि वन विभाग ने इस साल के लिए 4 सूत्रीय प्लान बनाया है:

*संवेदनशीलता:* वनकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि पीड़ित परिवारों से सम्मान और सहानुभूति से पेश आएं।

DFO ने ग्रामीणों से अपील की: “हाथी के खतरे की मूवेंट समझते ही वन विभाग को  सूचना दें। पटाखे, आग और शोर से बचें। हम मिलकर रहेंगे तो संघर्ष अपने आप कम होगा


कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्कूली बच्चे, महिलाएं और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
*निष्कर्ष: एक नई शुरुआत*
पहली बार प्रशासन ने समस्या के साथ समाधान भी रखा। एक तरफ कलेक्टर ने “त्वरित राहत” का भरोसा दिया, तो दूसरी तरफ DFO ने “दीर्घकालीन संरक्षण” का रोडमैप। ग्रामीणों का कहना था कि “आज पहली बार लगा कि सरकार हमारी बात सुन रही है।”

ग्राम सिवनी में आयोजित विश्व हाथी दिवस का संदेश अब GPM में नारा बन गया है – *”संघर्ष नहीं, सह-अस्तित्व”*।

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