
डेस्क खबर मुंगेली./ कालीमाई वार्डवासियों की शिकायत के बाद स्वर्ण वाटिका कॉलोनी के कॉलोनाइजर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। नगर पालिका मुंगेली के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने कॉलोनाइजर के खिलाफ एफआईआर/अभियोजन की कार्रवाई के लिए कलेक्टर से अनुमति मांगी है। खास बात यह है कि अनुमति के लिए पत्र भेजे 25 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक मामले में आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी है।

भूखंड बेचते समय सुविधाओं का वादा, अब सवाल
कालीमाई वार्ड के रहवासियों की शिकायत के अनुसार स्वर्ण वाटिका में भूखंड बेचते समय कॉलोनाइजर द्वारा सड़क, नाली, पेयजल, विद्युत, बाउंड्रीवाल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इसके बावजूद आज तक कई जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं।

शिकायत के बाद नगर पालिका द्वारा मामले की जांच की गई। स्थल निरीक्षण और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद प्रथम दृष्टया मामला नगर पालिका अधिनियम 1961 एवं प्रचलित कॉलोनी विकास नियमों के विपरीत पाए जाने की बात सामने आई है।
नगर पालिका ने बढ़ाया कार्रवाई की ओर कदम
मामले में मुंगेली नगर पालिका के CMO ने कलेक्टर को पत्र भेजकर कॉलोनाइजर के खिलाफ एफआईआर/अभियोजन की कार्रवाई के लिए आवश्यक अनुमति एवं आदेश मांगा है। इससे साफ है कि मामला अब केवल शिकायत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।

लेकिन इसके बाद सवाल खड़ा हो गया है कि कलेक्टर कार्यालय में अनुमति की फाइल आखिर 25 दिन से अधिक समय से क्यों लंबित है?
शिकायतकर्ताओं की नजर अब कलेक्टर के फैसले पर
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं को लेकर शिकायत सही पाई गई है और नगर पालिका ने भी प्रथम दृष्टया नियमों के उल्लंघन की बात दर्ज की है, तो कार्रवाई में देरी क्यों?अब देखना होगा कि मुंगेली कलेक्टर इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं। क्या कॉलोनाइजर के खिलाफ FIR की अनुमति मिलती है या फिर मामला एक बार फिर कागजी कार्रवाई और फाइलों के बीच उलझकर रह जाता है?
