


डेस्क खबर बिलासपुर ./ बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र में जनता के पैसे से करोड़ों रुपये की लागत से बन रही एनएच-130ए सड़क अब सवालों के घेरे में है। सड़क बनने से पहले ही कई जगह निर्माण तोड़ा जा रहा है। ठेकेदार द्वारा खुद ही घटिया निर्माण तोड़ने से सवाल उठ रहे है अगर काम सही हुआ था, तो उसे दोबारा तोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी?

तखतपुर क्षेत्र के मोढ़े मार्ग से मनियारी पुल तक सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण का काम चल रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि मौके पर न तो परियोजना का सूचना बोर्ड लगा है और न ही निर्माण एजेंसी का कोई स्थानीय कार्यालय दिखाई देता है। लोगों को यह तक नहीं पता कि काम कितने करोड़ का है, कौन कंपनी बना रही है और कब तक पूरा होगा।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर कम और फाइलों में ज्यादा नजर आ रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर ठेकेदार मनमर्जी से काम कर रहा है। कई जगह पहले बनाया गया हिस्सा खुद ही तोड़ दिया गया, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल और गहरे हो गए हैं।करोड़ों की परियोजना में पारदर्शिता गायब है। नियम कहते हैं कि निर्माण स्थल पर सूचना पटल लगाना जरूरी है, ताकि जनता को पूरी जानकारी मिल सके। लेकिन यहां यह नियम भी हवा में उड़ता नजर आ रहा है।सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब शुरुआत में ही काम टूटने लगे, तो यह सड़क वर्षों तक जनता का भार कैसे उठाएगी?

क्षेत्रवासियों ने घटिया निर्माण की जांच, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार व अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। जांच में घटिया निर्माण, लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि जनता के पैसों की बर्बादी न हो और जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही हो सके ।

“जब करोड़ों की सड़क बनने से पहले ही टूटने लगे, तो समझिए कहीं न कहीं ईमानदारी नहीं, सिर्फ खानापूर्ति का निर्माण चल रहा है। जनता सड़क मांग रही है, लेकिन उसे जवाबदेही के बजाय बहाने मिल रहे हैं।”
