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महादेव बेटिंग ऐप पर CBI का सबसे बड़ा वार, 6 चार्जशीट दाखिल… मास्टरमाइंड समेत 66 आरोपी जांच के घेरे में!



डेस्क खबर ../देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी और भ्रष्टाचार मामलों में शामिल महादेव ऐप घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा एक्शन लेते हुए 6 नई चार्जशीट अदालत में पेश की हैं। इन चार्जशीट में आशीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छापरिया, अनिल धमानी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा को आरोपी बनाया गया है।
CBI ने इन सभी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही पहले से आरोपित महादेव ऐप के कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ भी पूरक साक्ष्य अदालत में पेश किए गए हैं।
जांच एजेंसी ने मामले में 5 अतिरिक्त चार्जशीट भी दाखिल की हैं, जिनमें कुल 66 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और तथाकथित “बेटिंग सिंडिकेट पैनल” के कई सदस्य शामिल हैं। इन पर भारतीय न्याय संहिता/पूर्व आईपीसी के प्रासंगिक प्रावधानों के साथ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।
देशभर में फैला था अवैध सट्टे का नेटवर्क
CBI जांच के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोहों में से एक है। सोशल मीडिया के जरिए लाखों लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया। अलग-अलग राज्यों में बेटिंग पैनल बनाकर करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार संचालित किया गया।
जांच में सामने आया है कि सट्टे से कमाई गई रकम को फर्जी और “म्यूल” बैंक खातों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग कर विदेश भेजा जाता था। आरोप है कि इस अवैध कमाई का बड़ा हिस्सा संरक्षण और रिश्वत के रूप में भी इस्तेमाल किया गया।
विदेश बैठकर चला रहे हैं नेटवर्क
CBI के अनुसार, महादेव ऐप के प्रमोटर और उनके कई करीबी सहयोगी वर्षों पहले भारत छोड़कर पश्चिम एशिया के देशों में चले गए थे और वहीं से पूरे सिंडिकेट का संचालन कर रहे हैं।
इन फरार आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस जारी हैं। साथ ही उन्हें फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि भारत में मौजूद उनकी संपत्तियां जब्त की जा सकें।
CBI का बड़ा दावा
CBI का कहना है कि जांच अभी जारी है। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क के राजनीतिक, प्रशासनिक और आर्थिक संरक्षण की भी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और भी पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं, जिससे इस बहुचर्चित महादेव ऐप घोटाले में कई और बड़े नाम सामने आने की संभावना है।

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