


डेस्क खबर बिलासपुर।../ शहर के टिकरापारा स्थित बेशकीमती शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे और बिना अनुमति निर्माण का गंभीर मामला सामने आया है। पूरे मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर बिलासपुर को सौंपकर तत्काल अतिक्रमण हटाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत के बाद प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी?
शिकायतकर्ता विक्रम सिंह द्वारा कलेक्टर को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि शिवाजी मार्ग, टिकरापारा स्थित खसरा नंबर 144/1, रकबा 0.4460 हेक्टेयर की बेशकीमती शासकीय भूमि पर कृष्णा तिवारी द्वारा कथित रूप से अवैध कब्जा कर बिना किसी सक्षम अनुमति के निर्माण कराया गया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि सरकारी जमीन पर किए गए इस कथित अवैध निर्माण से शासन को राजस्व की हानि हो रही है। आवेदन में मांग की गई है कि अवैध निर्माण को तत्काल ध्वस्त कर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध राजस्व एवं अन्य संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
अब प्रशासन के सामने बड़े सवाल…
सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत सीधे कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचने के बाद भी यदि कार्रवाई में देरी होती है, तो यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है? क्या आम लोगों के लिए अलग कानून और रसूखदारों के लिए अलग व्यवस्था लागू है? आखिर राजस्व विभाग और नगर निगम की निगरानी व्यवस्था क्या कर रही थी?
अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल अवैध निर्माण का मामला नहीं बल्कि सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण का गंभीर प्रकरण होगा। ऐसे में देखना होगा कि प्रशासन कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई करता है या यह शिकायत भी फाइलों में दबकर रह जाती है।
आगामी अंकों में पुख्ता दस्तावेजों के साथ बड़ा खुलासा