डेस्क खबरबिलासपुर

NTPC के CSR फंड में 44 लाख का खेल? श्मशान घाट के नाम पर करोड़ों की जमीन, आधे रकबे में घटिया निर्माण, बाकी पैसा कहां जाएगा?




डेस्क खबर बिलासपुर ../ न्यायधानी बिलासपुर जिले के सीपत में स्थापित एनटीपीसी एक बार क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है ।सीपत एनटीपीसी के सीएसआर (CSR) फंड से स्वीकृत 44.53 लाख रुपये के श्मशान घाट निर्माण कार्य पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम रलिया में चल रहे बाउंड्रीवॉल निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने वित्तीय अनियमितता, गुणवत्ता में भारी लापरवाही और सरकारी राशि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि पूरा निर्माण कार्य नियमों को दरकिनार कर केवल कागजों में पूरा दिखाने की तैयारी की जा रही है।


ग्रामीणों के अनुसार राजस्व रिकॉर्ड में श्मशान घाट के लिए 4 एकड़ भूमि दर्ज है, लेकिन बिना राजस्व विभाग से सीमांकन कराए महज 2 एकड़ से भी कम क्षेत्र में बाउंड्रीवॉल खड़ी की जा रही है। जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग के दूसरी ओर स्थित श्मशान घाट की शेष जमीन को पूरी तरह छोड़ दिया गया है। सवाल यह है कि जब बजट पूरे रकबे के विकास के नाम पर स्वीकृत हुआ, तो आधे क्षेत्र में ही निर्माण क्यों कराया जा रहा है?


ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में डीपीसी से लेकर सीमेंट, गिट्टी और अन्य सामग्री की गुणवत्ता तक से समझौता किया जा रहा है। यदि तकनीकी जांच कराई जाए तो निर्माण की वास्तविक लागत और मौके पर किए गए कार्य के बीच बड़ा अंतर सामने आ सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पहले से तय योजना के तहत कम काम कर पूरा भुगतान लेने की तैयारी है? ग्रामीणों का आरोप है कि कार्य पूरा होने के बाद ग्राम पंचायत से केवल कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र लेकर एनटीपीसी से पूरी राशि आहरित करने की कोशिश की जा सकती है। यदि ऐसा हुआ तो यह सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला होगा। बिना सीमांकन बाउंड्रीवॉल, घटिया निर्माण का आरोप और ग्रामीणों द्वारा उठाए गए  सवालों की यदि निष्पक्ष जांच होती है तो बड़ी गड़बड़ी की परत खुल सकती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए, राजस्व विभाग से पूरे 4 एकड़ क्षेत्र का सीमांकन कराया जाए, तकनीकी टीम से गुणवत्ता और लागत की जांच कराई जाए तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि NTPC प्रबन्धन अपने ऊपर लगे आरोपों पर कब अपनी प्रतिक्रिया जारी करता है ।

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