


डेस्क खबर बिलासपुर../ शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले कोचिंग संस्थानों पर अब सवाल उठने लगे हैं। शहर के लिंक रोड स्थित आकाश इंस्टीट्यूट के खिलाफ एक अभिभावक ने गंभीर आरोप लगाते हुए तारबाहर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि संस्थान ने पहले 5 हजार रुपये एडवांस लेकर किस्तों में फीस जमा करने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में पूरी 30 हजार रुपये की फीस एकमुश्त जमा करने का दबाव बनाया। जब अभिभावक ने आर्थिक मजबूरी बताते हुए बच्चे को वहां नहीं पढ़ाने और एडवांस राशि वापस करने की मांग की, तो पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया गया। शिकायतकर्ता मनीष चंदोलिया के अनुसार, उन्होंने अपने कक्षा 8वीं में पढ़ने वाले बेटे के दाखिले के लिए संस्थान से संपर्क किया था। शुरुआत में 30 हजार रुपये की फीस तय हुई, जिसमें 5 हजार रुपये एडवांस और बाकी राशि पांच किस्तों में देने की बात हुई थी। लेकिन बाद में संस्थान ने कथित तौर पर अपनी बात बदलते हुए पूरी फीस एक साथ जमा करने की शर्त रख दी।


अभिभावक का कहना है कि आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि एकमुश्त 30 हजार रुपये जमा कर सकें। मजबूरी में उन्होंने बच्चे का प्रवेश कहीं और कराने का फैसला लिया और एडवांस राशि वापस मांगी, लेकिन संस्थान ने राशि लौटाने से मना कर दिया। उनका आरोप है कि इस वजह से न केवल आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि बच्चे की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। पीड़ित ने पूरे मामले की लिखित शिकायत तारबाहर थाने में देकर एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की है । बेटे के भविष्य को लेकर पिता द्वारा तारबहार में की गई शिकायत के बाद सवाल खड़े हो रहे है

कोचिंग संस्थान शिक्षा का केंद्र हैं या एडवांस फीस वसूलने का माध्यम? यदि कोई छात्र पढ़ाई शुरू ही नहीं करता, तो क्या उसकी जमा राशि रोक लेना उचित है? बच्चों के भविष्य से जुड़े ऐसे मामलों में प्रशासन और शिक्षा विभाग को भी गंभीरता से हस्तक्षेप करने की जरूरत है ताकि फीस के नाम पर बच्चों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो पाये। फिलहाल इस मामले में अभी तक आकाश इंस्टीट्यूट ने मीडिया के सामने अपना कोई पक्ष सामने नहीं रखा है उम्मीद की जा रही है कि पुलिस की जांच के बाद ही पूरा सच सामने आ पाएगा।