डेस्क खबरबिलासपुर

जनता धूप और लाइन में बेहाल… और डब्बों में भर-भरकर पेट्रोल सप्लाई!” कलेक्टर बोले तेल की कोई कमी नहीं, संचालक बोले जितना डब्बा लाओ उतना भरवाओ! देखिए संचालक के दावों की पोल खोलने वाली हकीकत की तस्वीरें और वीडियो !!




डेस्क खबर बिलासपुर ./ बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल संकट के बीच अब ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्होंने प्रशासनिक दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बिलासपुर में इन दिनों पेट्रोल-डीजल का ऐसा अद्भुत लोकतंत्र चल रहा है, जहां आम जनता को बूंद-बूंद तेल के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है… और खास लोगों के जर्किन ऐसे भर रहे हैं मानो सरकारी योजना के तहत मुफ्त वितरण चल रहा हो।



एक तरफ आम लोग भीषण गर्मी में घंटों लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, कई पेट्रोल पंप ड्राई पड़े हैं, तो कहीं लिमिट तय कर तेल दिया जा रहा है… लेकिन दूसरी तरफ कुछ रसूखदार पंपों पर खुलेआम डब्बों और जर्किन में पेट्रोल-डीजल भरकर सप्लाई की जा रही है।
पीजीबीटी कॉलेज रोड स्थित अंबा फ्यूल पेट्रोल पंप से सामने आए वीडियो और तस्वीरें हैरान करने वाली हैं।


तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पंप पर नियमों को ताक पर रखकर जर्किन, डब्बों और कैनों में खुलेआम तेल भरा जा रहा है, जबकि आम लोग सड़कों तक लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं।
इधर बिलासपुर कलेक्टर लगातार यह दावा कर रहे हैं कि जिले में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और जनता को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। कलेक्टर ने यह भी कहा कि किसी प्रकार की लिमिट तय नहीं की गई है।लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक कई पेट्रोल पंपों में सीमित मात्रा में तेल दिए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। वहीं अंबा फ्यूल पंप संचालक समीर टुटेजा ने मीडिया में बयान देकर कहा था कि अनावश्यक भीड़ और स्टॉकिंग रोकने के लिए हर बाइक और वाहन में सीमित मात्रा में पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। लेकिन वायरल तस्वीरें और वीडियो उनके दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं





एक तरफ शहर की सड़कों पर तपती गर्मी में लोग अपनी बारी का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। कोई 200 का पेट्रोल मांग रहा है, तो किसी को “बस लिमिट तक” कहकर लौटा दिया जा रहा है। कई पंप ड्राई तक पड़े हुए हैं, पीजीबीटी कॉलेज रोड स्थित अंबा फ्यूल पेट्रोल पंप में नियमों की धज्जियां उड़ाती आई तस्वीरें कुछ और ही कहानी सुना रही हैं।
यहां नियम शायद छुट्टी पर चले गए हैं।
वीडियो और तस्वीरों में खुलेआम डब्बों, जर्किनों और कैनों में पेट्रोल-डीजल भर-भरकर दिया जा रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे जनता लाइन में सिर्फ माहौल बनाने के लिए खड़ी हो… असली सेवा तो “डब्बा धारकों” के लिए आरक्षित हो।



सबसे बड़ा सवाल औरसबसे दिलचस्प किरदार इस पूरी कहानी में खाद्य विभाग का है।
विभाग की सक्रियता ऐसी है कि चावल चोरी हो, गैस की कालाबाजारी हो या अब पेट्रोल-डीजल की मारामारी… हर बार विभाग घटनास्थल पर “घटना के बाद विचार करने” की मुद्रा में ही दिखाई देता है।
अब सवाल ये उठ रहा है कि आखिर नियम सिर्फ लाइन में खड़े आम लोगों के लिए हैं या पंपों पर जर्किन लेकर पहुंचने वालों के लिए कोई अलग वीआईपी व्यवस्था लागू है?फिलहाल बिलासपुर की जनता धूप में पसीना बहा रही है… और कुछ लोग डब्बों में भविष्य सुरक्षित कर रहे हैं। अब जनता भी सोच रही है कि वाकई देश में तेल संकट है या फिर vip सप्लाई सिस्टम के चलते उन्हें इस भीषण गर्मी में घंटों लाइनों में पसीना बहाना पड़ रहा है ।

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