
डेस्क खबर बिलासपुर ./ छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने लगातार डबल अटैक करते हुए रिश्वतखोरों पर शिकंजा कसते हुए बिलासपुर कलेक्ट्रेट के बाबू और शक्ति जिले के चंद्रपुर थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है । दोनों मामलों में सरकारी काम और कार्रवाई में राहत देने के बदले रिश्वत मांगी गई थी।
पहली कार्रवाई बिलासपुर कलेक्ट्रेट में हुई, जहां अतिरिक्त न्यायालय जिला दंडाधिकारी कार्यालय में पदस्थ लिपिक विजय पांडेय को 15 हजार रुपए रिश्वत लेते ACB की टीम ने पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लगाए गए एक लाख रुपए के जुर्माने को कम कराने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। कोटा निवासी देवेंद्र कश्यप ने पूरे मामले की शिकायत ACB से की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ट्रैप कार्रवाई की और विजय पांडेय को रिश्वत की रकम के साथ धर दबोचा।

वहीं दूसरी बड़ी कार्रवाई सक्ती जिले के चंद्रपुर थाना क्षेत्र में हुई। यहां पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) एस.एन. मिश्रा को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते ढाबे में रंगे हाथो गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता शिव प्रसाद बरेठ से मारपीट के दर्ज मामले में कड़ी कार्रवाई से बचाने के एवज में आरोपी ASI ने कुल 40 हजार रुपए की मांग की थी। बताया गया कि पहली किश्त के रूप में 20 हजार रुपए पहले ही लिए जा चुके थे, जबकि दूसरी किश्त लेते समय चंद्रपुर स्थित गुड्डू ढाबा में ACB टीम ने दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया।

एसीबी ने दोनों आरोपियों के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई की है। अधिकारियों के अनुसार दोनों मामलों में पहले शिकायतों का सत्यापन किया गया, जिसके बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
छत्तीसगढ़ के भ्रष्टाचार के वार और लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के बाद सरकारी दफ्तरों और पुलिस महकमे में हड़कंप का माहौल है।