डेस्क खबरबिलासपुर

बिलासपुर में कैमरे में कैद हुआ अंडों का जखीरा, बर्ड फ्लू के बीच बढ़ा संक्रमण का खतरा !! बाहर से शहर आ रही अंडों की खेप, गोदाम से हों रही खुलेआम सप्लाई !




डेस्क खबर बिलासपुर ../ छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्ड फ्लू के खतरे के बीच बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के व्यस्त व्यापार विहार इलाके में एक गोदाम में लाखों हजारों अंडों का जखीरा डंप कर रखा गया है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि मामले की इतनी बड़ी तादाद में गाड़ियों से बड़ी खेप व्यापार विहार इलाके की दुकानों में पहुंच रही है और गोदामों से ही अलग अलग क्षेत्रों और जिलों में भेजी जा रही है लेकिन प्रशासन की भनक तक नहीं लग पा रही है या फिर जानकारी होने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है । क्योंकि दो दिन पहले भी पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त संचालक जी एसएस तंवर को व्यापार विहार इलाके में स्थित अंडा दुकानों में बिक्री की सूचना के बाद भी कार्यवाही नहीं हो पाईं थी जबकि बिलासपुर के शहरी क्षेत्रों में बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए चिकन और अंडों की बिक्री पर अभी भी 14 दिनों का प्रतिबंध लगा हुआ है । उसके बाद भी अंडों की बिक्री और खरीदी का खेल खुलेआम बिना किसी भय के बेखौफ चल रहा है ।



व्यापार विहार क्षेत्र में खुले तौर पर भारी मात्रा में अंडों का भंडारण किया जा रहा है। यह मामला तब उजागर हुआ जब स्थानीय कैमरे में इस पूरे स्टॉक का दृश्य कैद हुआ। बर्ड फ्लू जैसे गंभीर संक्रमण के खतरे के बावजूद बिना पर्याप्त जांच के अंडों की बिक्री जारी रहने से स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी कर अंडों की सप्लाई जारी है



स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि कुछ दिनों पहले कोनी स्थित एक पोल्ट्री फार्म में बड़ी संख्या में मुर्गियों की मौत के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने 25 हजार से अधिक अंडों को नष्ट किया और 22 हजार से ज्यादा पक्षियों को मारना पड़ा। साथ ही, संक्रमण को रोकने के लिए 10 किलोमीटर के दायरे में अंडे और चिकन की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद शहर के बीचों-बीच लाखों अंडों का जखीरा मिलना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ये अंडे कहां से आए, क्या इनकी जांच हुई है, और आखिर जनता की सेहत के साथ ऐसा खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है। अब देखना होगा कि अंडों की खेप पर प्रशासन क्या एक्शन लेता है ।

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