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हिडमा गीत विवाद पर सर्व आदिवासी समाज का यू-टर्न, कहा—अनजाने में बजा गाना, नक्सल उन्मूलन में सरकार के साथ.! विवादित वीडियो हुआ था वायरल पुलिसकर्मी आये थे नजर .!!



डेस्क खबर .// जगदलपुर में भूमकाल स्मृति दिवस रैली के दौरान बजाए गए एक विवादित गीत को लेकर उठे सियासी और सामाजिक विवाद के बीच सर्व आदिवासी समाज ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। समाज ने कहा है कि रैली में किसी भी माओवादी नेता का महिमामंडन करने की न तो कोई मंशा थी और न ही यह कोई पूर्व नियोजित कदम था। मामला 10 फरवरी का है, जब धरमपुरा स्थित पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम के बाद निकाली गई रैली के दौरान अग्रसेन चौक के पास हिडमा के नाम पर एक गीत बजा। ‘हमारे हक की जंग’ और ‘दिल की बस्ती में हिडमा’ जैसे बोल वाले इस गीत को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई थी। इस वीडियो में नाच गाने के दौरान पुलिसकर्मी भी नजर आये थे जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था ।


सर्व आदिवासी समाज के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने बयान जारी कर कहा कि कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक आदिवासी गीत इंटरनेट के माध्यम से चलाए जा रहे थे। इसी क्रम में फ्लो के दौरान एक विवादित गाना अनजाने में बज गया। उन्होंने इसे तकनीकी और मानवीय चूक बताते हुए कहा कि इसे किसी विचारधारा के समर्थन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। समाज ने घटना के दो दिन बाद सार्वजनिक रूप से खेद भी जताया और कहा कि वे किसी भी प्रकार के विवाद या भ्रम को बढ़ावा नहीं देना चाहते। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि नक्सल उन्मूलन के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के साथ समाज पूरी तरह खड़ा है और हिंसा की किसी भी प्रवृत्ति का समर्थन नहीं करता।  गौरतलब है कि यह कार्यक्रम सर्व आदिवासी समाज और सर्व मूल निवासी समाज के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। विवाद के बाद समाज ने अपनी स्थिति साफ करते हुए शांति और कानून व्यवस्था के प्रति अपनी निष्ठा जताई है ।

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