डेस्क खबरबिलासपुर

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव मे कांग्रेस – बीजेपी की दीवार ढही !
सत्ता से चिपके रहने वाले अपने प्रत्याशी को जिताने दलगत राजनीति से ऊपर उठे, मतदान शुरू, काउंटिंग के बाद तय होगा किसे मिलेगी कमान .??


डेस्क खबर बिलासपुर ./ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव में कथित चाटुकार एकजुट हो गए है अपनी जीत दर्ज करने इन्होंने कांग्रेस – बीजेपी की दीवार मिटा दी है 11 वर्ष स्टेट बार काउंसिल का चुनाव होल्ड कराने वाले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव मे भी बड़ी बाधा बने हुए थे हाईकोर्ट में पिटीशन डालने के बावजूद चुनाव रोकने में नाकाम हुए सत्ता से चिपके रहने वाले चाटुकार अब चुनावी समर में कूद कर अपनी जीत दर्ज करने साम दाम दंड भेद की नीति अपनाए हुए है और अपनी जीत को लेकर आस्वस्त है वही हाईकोर्ट के जानकारों का कहना है कि इतनी उठापटक करने के बाद भी इन सत्तालोलुप महाशयों की जीत को लेकर संशय बना हुआ है।



                आज गुरुवार को 10:30 बजे से शुरू होने जा रहे मतदान मे हाईकोर्ट के दिग्गज छत्तीसगढ़ बार एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व करने हो रहे चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की कमान किस मिलेगी यह तो काउंटिंग के बाद स्पष्ट होगा लेकिन राजनीतिक – सामाजिक – आर्थिक स्तर पर ग्रो कर रहे छत्तीसगढ़ के मूल निवासी एससी एसटी वर्ग का छत्तीसगढ़ बार एसोसिएशन चुनाव में केवल सहभागिता है इन्हें आगे ले जाने वाला अथवा इन्हें प्रतिनिधित्व देने जैसी कोई बात इस चुनाव मे नहीं है प्रत्याशी अपने प्रचार के दौरान इनके पास पहुंच अपने पक्ष में मतदान के लिए इनसे आग्रह करते दिखाई दिए है प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार में दावे तो बड़े-बड़े किए हैं लेकिन धरातल पर इन्हें साथ लेकर चलने वाला कोई नहीं है।




          वही सत्ता की चाबी अपने पास रखने के लिए विख्यात चाटुकारों के एकजुट होने से हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव बड़ा दिलचस्प हो गया है तत्कालीन भूपेश सरकार में कांग्रेस पार्टी की ओर से हाईकोर्ट में लीड करने वाले सत्ता बदलते ही रातों-रात भाजपाई हो गए हैं इनके पलटी मार व्यक्तित्व को देखते हुए जानकारी का कहना है कि ये मूलतः फूल छाप कांग्रेसी है क्योंकि यह सत्ता के साथ चिपके रहने वाले लोग हैं और ये पॉवर से दूर नहीं होना चाहते इसीलिए तत्कालीन भूपेश सरकार के सत्ता में आते ही इन्होंने पलटी मारी और कांग्रेसी होने का चोला ओढ़ लिया कांग्रेस के 5 साल के शासनकाल में इन्होंने जमकर मलाई छानी

       वर्ष 2023 मे छग राज्य में भाजपा के सत्तारुण होते ही इनकी रंगत बदल गई अपने आपको कट्टर कांग्रेसी बताने वाले भाजपा की रीति नीति के समर्थक बन गए है छत्तीसगढ़ बार एसोसिएशन चुनाव में भी सत्तारुण दल समर्थक पैनल को जिताने इन्होने कमर कस ली है जानकारों का कहना है कि उनकी नीति और नियत दोनों संदेहास्पद रही हैं इनकी संदिग्ध छवि ही इनके समर्थक प्रत्याशी की नैया डुबोएगा।

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