


डेस्क खबर बिलासपुर../ प्रदेश की न्यायधानी कहे जाने वाले बिलासपुर में देश की आन बान सम्मान कहे जाने वाले तिरंगे के अपमान के आए मामलों से सवाल खड़े हो रहे है । बिलासपुर के पुलिस ग्राउंड से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री के 26 जनवरी के ध्वजारोहण के प्रस्तावित कार्यक्रम से ठीक पहले सुबह करीब 6:00 बजे एक कर्मचारी को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को तकिया बनाकर सोते हुए देखा गया। यह दृश्य न केवल संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान पर सवाल खड़े करता है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर करता है। इतना ही नहीं इस दौरान पुलिसकर्मी और अन्य कर्मचारी आसपास मौजूद थे। हैरानी की बात यह रही कि किसी ने भी उस कर्मचारी को तिरंगे के साथ इस तरह के व्यवहार से रोकने या समझाने की कोशिश नहीं की। राष्ट्रीय ध्वज संहिता के अनुसार तिरंगे का इस प्रकार उपयोग करना स्पष्ट रूप से गलत है और इसे अपमान की श्रेणी में माना जाता है। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि इतने बड़े आयोजन की तैयारियों के दौरान कलेक्टर, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और कार्यक्रम के जिम्मेदारों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी। क्या यह महज लापरवाही थी या फिर जिम्मेदारी से बचने का रवैया?
गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान, राशि स्टील में लापरवाही से गिरा तिरंगा
इससे पहले गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बिलासपुर जिले से राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का गंभीर मामला सामने आया है। मस्तूरी विकासखंड के पाराघाट स्थित राशि स्टील प्राइवेट लिमिटेड परिसर में ध्वजारोहण के दौरान भारी लापरवाही बरती गई, जिसके चलते तिरंगा जमीन पर गिर गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि ध्वजारोहण की व्यवस्था सही नहीं थी, जिससे यह चूक हुई। राष्ट्रीय ध्वज संहिता के उल्लंघन को लेकर देशभक्तों में आक्रोश है। हैरानी की बात यह है कि अब तक कंपनी प्रबंधन ने कोई बयान जारी नहीं किया है। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब देखना होगा कि बिलासपुर प्रशासन में बैठे उच्च और जिम्मेदार अधिकारी इन गंभीर घटनाओं को कितनी गंभीरता से लेते है और क्या कार्यवाही करते है ।
इतना ही राशि स्टील प्लांट में वंदेमातरम के जयकार के बीच प्लांट के जयकार के नारे की घटना भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनती जा रही है और लोग प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं ताकि तिरंगे की आन बान और सम्मान बना रह सके ।