डिप्टी सीएम पोस्टर मामले में निगम की बड़ी चूक, कचरा गाड़ी से हटाए गए डिप्टी सीएम अरुण साव के पोस्टर, निगम इंजीनियर का वीडियो वायरल..मचा राजनैतिक बवाल .??


आकाश प्रधान की कलम से
डेस्क खबर अंबिकापुर। कोरबा के बाद अब अंबिकापुर में भी नगर निगम की कचरा गाड़ी का उपयोग राजनीतिक पोस्टर हटाने का वीडियो सामने आने से एक बार फिर निगम के अधिकारी सवालों के घेरे में खड़े नजर आ रहे है । जनता द्वारा चुने गए जनप्रिनिधियों के मामले में निगम के अधिकारियों की बड़ी चूक सामने आने से राजनैतिक गलियारी खलबली मची हुई है । ताजा मामले में अंबिकापुर नगर निगम के इंजीनियर खुद कचरा वाहन पर चढ़कर उप मुख्यमंत्री अरुण साव के बैनर-पोस्टर हटाते हुए कैमरे में कैद हुए। यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, शहर के कई प्रमुख चौराहों और दीवारों पर लगे डिप्टी सीएम के स्वागत बैनरों को निगम की टीम ने हटाया। इसी दौरान एक इंजीनियर कचरा परिवहन में उपयोग होने वाली गाड़ी पर चढ़कर पोस्टर उतारते नजर आए। मौके पर मौजूद लोगों ने जैसे ही इस घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग शुरू की, नगर निगम अधिकारी-इंजीनियर की हरकतें अचानक बदल गईं। बताया जा रहा है कि वीडियो बनते देख उन्होंने पोस्टर को कचरा गाड़ी में डालने के बजाय व्यवस्थित रूप से नीचे रखा और हाथों में पोस्टर लेकर हटाने का काम करने लगे, ताकि माननीयों के पोस्टर का मामला सामान्य दिखाई दिए ।
इस घटना को लेकर शहर में चर्चा तेज है। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता के पोस्टर हटाने की कार्रवाई नियमों के तहत होती है, लेकिन कचरा वाहन से हटाकर उसका अनादर करना उचित नहीं है। इससे राजनीतिक गरिमा पर सवाल उठते हैं। वहीं कुछ लोग नगर निगम की टीम का समर्थन भी कर रहे हैं और कह रहे हैं कि अवैध रूप से लगाए गए पोस्टर हटाना निगम का दायित्व है, चाहे वह किसी का भी हो।
सोशल मीडिया पर वीडियो फैलने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इस पर प्रतिक्रियाएँ आने लगी हैं। फिलहाल नगर निगम प्रशासन इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से बच रहा है, लेकिन घटनाक्रम ने शहर की राजनीति में नया विवाद जरूर खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि डिप्टी सीएम के पोस्टर के मामले में इस बड़ी चूक के मामले में अरुण साव इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते है ।