

डेस्क खबर/ .छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चल रही चर्चा के बीच जहाँ जेल से रिहा होने के बाद परिवार सहित दिल्ली पहुँचे विधायक देवेंद्र यादव की राहुल गाँधी से हुई मुलाकात के कुछ और ही संकेत लगाए जा रहे थे की इसी बीच दिल्ली मे कांग्रेस आलाकमान से मिलकर छत्तीसगढ़ वापिस लौटे मंत्री अमरजीत भगत ने पीसीसी अध्यक्ष बदले जाने की सुगबुगाहट पर एक बड़ा बयान देकर एक अलग ही संकेत दिया । कभी पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के खिलाफ खुलकर खिलाफत करने वाले भगत ने प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर सहमति देने की बात कह कर भूचाल ला दिया।
इतना ही अमरजीत भगत ने एक बार फिर प्रदेश की कमान आदिवासी को देने का राग आलाप देकर अपने दिल के अरमानो को भी जाहिर कर दिया ।साथ मे यह भी कहा है कि बस्तर और सरगुजा दोनों ट्राइबल क्षेत्र हैं, और दोनों संभाग के आदिवासी नेताओं को बराबर नजरिए से देखना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि सरगुजा संभाग में 6 जिले होने के बावजूद, सरगुजा के आदिवासी नेताओं को नजरअंदाज किया जाता है। अमरजीत भगत ने अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाया है कि सरगुजा के आदिवासी नेताओं को मौका नहीं दिया जाता है, न किसी कमेटी में रखा जाता है, न उनकी बात सुनी जाती है। उन्होंने यह भी कहा है कि यहां के नेताओं के साथ तालमेल रखने के बाद ही कांग्रेस को फायदा मिलेगा।

फिलहाल भूपेश बघेल के खास माने जाने वाले विधायक देवेंद्र यादव की राहुल गाँधी की मुलाकात और अमरजीत के बयान के बाद कयास लगाए जा रहे है की ढाई ढाई साल के सीएम के फार्मूले के बाद भी सीएम नही बन पाने वाले सिंहदेव की प्रदेश अध्यक्ष बनने की राह इतनी आसान नहीं होने वाली है। अब टीएस बाबा की आस पूरी होगी या नही यह तो दिल्ली मे बैठ कांग्रेस का आलाकमान तय करेगा। लेकिन कांग्रेसी सूत्रों का दावा है की इन सबके बीच कही देवेंद्र यादव को नया PCC अध्यक्ष बना दिया तो कोई आश्चर्य नही होगा । क्योकि विधायक देवेंद्र यादव की राहुल गाँधी और भूपेश की नजदीकियां किसी से छुपी हुई नही है जबकि टीएस सिंहदेव के साथ पूर्व मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल और पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के बीच रिश्तों की खटास मे कोई संशय भी नही है.?