

डेस्क खबर बिलासपुर ../ बिलासपुर के सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र में बाल मजदूरी का मामला एक बार फिर सामने आया है, जहां फ्लाई ऐश फैक्ट्रियों में नाबालिग बच्चों से खुलेआम काम कराया जा रहा है। हाल ही में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक नाबालिग बालक ट्रैक्टर में ईंट लोड करते हुए दिखाई दे रहा है। यह दृश्य न सिर्फ बाल मजदुर कानून की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े करता है। सामने आई तस्वीरें थाने से चन्द कदम दूरी पर संचालित विद्या समय फ्लाई एश नामक फैक्ट्री का है जहां साफ साफ देखा जा सकता है कि किस तरह खुलेआम बिना किसी भय के मासूम बच्चे से भरी गर्मी में ट्रैक्टर में ईट लोड का काम करवाया जा रहा है ।
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र की कई फैक्ट्रियों में नाबालिग बच्चों से भारी मजदूरी कराई जा रही है, लेकिन इसे रोकने के लिए न तो कोई ठोस पहल की जा रही है और न ही किसी प्रकार की आकस्मिक छापेमारी। बाल श्रम निषेध कानून के बावजूद जिम्मेदार विभाग कुंभकर्णी नींद में नजर आ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार इस बच्चे की उम्र महज 10 वर्ष है और गरीबी के अभाव में वह चंद पैसों के लिए बाल मजदूरी करने के लिए विवश है ।
वही नाम न उजागर करने की शर्त में एक फैक्ट्री संचालक ने दावा किया है कि औद्योगिक क्षेत्र की कई फैक्ट्रियों में मज़दूरों की कमी के चलते बच्चों से मजदूरी करवा कर उद्योगपति अपने उद्योग संचालित कर रहे है। इतना ही नहीं सूत्रो का दावा है कि अचानक छापेमार कार्यवाही में इन्हीं बच्चों को असल मजदूरों के बच्चे होने का दावा कर संचालक अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर विभाग की गुमराह भी कर देते है । फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि तस्वीरों में बाल मजदूरी करता नजर आ रहा मासूम फैक्ट्री का मजदूर है या फिर ट्रैक्टर का मजदूर .?? अब यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि असली दोषी कौन है ! क्योंकि तस्वीरों में फैक्ट्री भी नजर आ रही है और ट्रैक्टर का नंबर भी .!!

अब देखना होगा कि बच्चों के सुनहरे भविष्य का दावा करने वाली सरकार का जिम्मेदार विभाग इन तस्वीरों को कितनी गंभीरता से लेते ही दोषीयों के खिलाफ कब तक जांच करता है ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके ।
