छत्तीसगढ़डेस्क खबर

तीन नेता, तीन रणनीति की वजह से हुई कांग्रेस की करारी हार.??
प्रदेश अध्यक्ष बदलने पर दीपक बैज ने दिया बड़ा बयान..!
दिल्ली मे भुपेश की सोनिया, राहुल, प्रियंका से मुलाकात..किसके हाथ मे होगी प्रदेश कांग्रेस की कमान..!!



डेस्क खबर../ छत्तीसगढ़ कांग्रेस की राजनीति इन दिनों प्रदेश सहित देशभर मे  चर्चा का विषय बनी हुई है. पहले विधानसभा, फिर लोकसभा और अब नगरीय निकाय पंचायत चुनाव में मिली करारी हार को लेकर सियासी पारा के साथ जुबानी बयान बाजी भी जोरों पर है . पार्टी के दिग्गज हार की समीक्षा करने की वजाय एक दूसरे को जिम्मेदार बताने करने में जुटे हैं. मंथन किया जा रहा है ,कि आखिर हार की क्या वजह रही. लेकिन इस बीच देखने को मिला कि छत्तीसगढ़ की राजनीति तीन दिशाओं में बिखरी हुई नजर आई. तीन नेता, तीन रणनीति के तहत 3 दिशाओं में काम करते नजर आए. जिसका परिणाम हुआ कि प्रदेश में विधानसभा लोकसभा और पंचायत तीनों चुनाव कांग्रेस हार गई. भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और दीपक बैज ये वो तीन नेता हैं, जो शायद एक साथ नहीं चले. जिसका परिणाम कांग्रेस को तीनों चुनाव में हार के रूप में भुगतना पड़ा.
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के बाद से हो रही  लगातार हार के बाद से पार्टी मे खुलकर घमासान और अंतरकलह का दौर जारी है। विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के बाद अब नगरी निकाय चुनाव के बाद एक बार फिर से कांग्रेस में चल रहे आपसी विवाद खुलकर सामने आ रहे है। राजधानी से लेकर न्यायधानी सहित लगभग प्रदेश के हर जिलों मे एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी के जरिये एक दूसरे के उपर हार का ठीकरा फोड़ा जा रहा है।बीते दिनों पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा द्वारा दिए बयान के बाद से एक बार फिर से यह स्पष्ट होता हुआ नजर आ रहा है कि कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता प्रदेश के नेतृत्व बदले जाने को लेकर मांग कर रहे हैं  ।
कांग्रेस में चल रही आपसी गुटबाजी और वर्चस्व की लडाई के कारण पार्टी का ग्राफ तेजी से गिरता हुआ नजर आ रहा है। चुनाव में हुए मनमर्जी के टिकट वितरण की वजह से पार्टी के कार्यकर्ताओ द्वारा पार्टी के खिलाफ प्रदेश कार्यालय में बगावती शोर भी कई बार सुनने के लिए मिल चुका है  बता दे नगरीय निकाय चुनाव में मनमाने रूप से हुए टिकट वितरण की वजह से पार्टी में कई नाराज कार्यकर्ता राजधानी स्थित राजीव भवन में बड़ी संख्या में पीसीसी चीफ दीपक बैज से मुलाकात करने पहुंचे हुए थे।

अब प्रदेश का नेतृत्व बदले जाने को लेकर भी कांग्रेस के कार्यकर्ता मांग करते हुए नजर आ रहे हैं बता दे पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा द्वारा दिए बयान के बाद पीसीसी द्वारा उन्हें 7 दिनों के भीतर कारण बात नोटिस जारी कर दिया गया है एक और जहां प्रदेश में लगातार कांग्रेस सारे चुनाव हार चुकी है तो वहीं अब नेतृत्व पर सवाल उठने की वजह से पीसीसी चीफ दीपक बैज की कुर्सी खतरे में नजर आ रही हैं।


वही कांग्रेस में हो रही सिर फुटौव्वाल  की स्थिति को लेकर प्रदेश के डिप्टी सीएम अरुण साव ने इसे कांग्रेस की नाकामी बताते हुए कहा कि कांग्रेस पहले दिल्ली में शून्य हो चुकी है देश में शून्य होते जा रही है और अब कांग्रेस शून्य की ओर बढ़ रही है पार्टी में चल रहे अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ रही है शायद यही वजह है कांग्रेस की जिसकी वजह से वे जनता से दूर जा रहे हैं जिसका परिणाम विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव और वर्तमान में निकाय चुनाव में उनकी शर्मनाक हर देखने के लिए मिली है।



वहीं अब इस पूरे पीसीसी चीफ दीपक बैज ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि बंद कमरे में सबकी बातें सुनने को तैयार हु। मीडिया में खुलेआम बयान देकर लोग पार्टी को कमजोर करना चाहते हैं और प्रदेश में चुनाव हारने से कांग्रेस खत्म नहीं हुई है, मन की कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का चुनाव हारने की वजह से मनोबल थोड़ा कमजोर हुआ है,लेकिन हताश नहीं हुए है, और पार्टी 2028 विधानसभा चुनाव कांग्रेस पूरी मजबूती से लड़ेंगे,और जो भी पार्टी के खिलाफ काम करेगा उसके खिलाफ पार्टी कार्यवाही करेगी।
बरहाल कांग्रेस में बगावती शोर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ओर ऐसे में प्रदेश कांग्रेस की कमान क्या..अब दीपक बैज के हाथों में रहेगी या नहीं यह तो अब कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व ही अब तय करेगा…पर अब सवाल यह है। कि अगर नहीं तो ऐसे में वो कौन से हाथ होंगे जिनमें प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी जाएगी ताकि आगे आने वाले चुनाव में पार्टी की जीत व पार्टी में मच रहे आपसी बवाल पर काबू पा जाया सके।

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