

रायपुर/कवर्धा। हिमांशु सिंह ठाकुर
डेस्क खबर,./ छत्तीसगढ़ के पंडरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पूर्व बीएमओ डॉ. स्वप्निल तिवारी पर वित्तीय वर्षों 2022-23 और 2023-24 में जीवनदीप समिति के मद से लाखों रुपये के गबन का गंभीर आरोप लगाया गया है। तिवारी पर समिति की बिना बैठक आयोजित किए शासकीय राशि का फर्जी बिलों के माध्यम से अंधाधुंध व्यय करने और नियमों का उल्लंघन कर व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने के आरोप लगे हैं।

फर्जी बिलों से गबन के आरोप
आरोपों के अनुसार, डॉ. तिवारी ने बिजली, दवाइयों और उपकरणों की खरीद, शासकीय वाहन मरम्मत, और अस्पताल के रखरखाव के नाम पर फर्जी बिल लगाकर बड़ी रकम का गबन किया। समिति के नियमों के अनुसार, किसी भी व्यय के लिए समिति की बैठक और सीजीएमएससी की एनओसी आवश्यक होती है। लेकिन, बिना इन प्रक्रियाओं का पालन किए फर्जी भुगतान किया गया।

मुकुंद कैंटीन को पहुंचाया फायदा
चार महीनों में एक ही फर्म ‘मुकुंद कैंटीन’ को 2.5 लाख रुपये का भुगतान किया गया। एक ही दिन में 900 और 600 लोगों के प्रशिक्षण के लिए लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि ऐसा होना असंभव है। प्रशिक्षण के नाम पर फर्जी बिल लगाकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया।

भ्रष्टाचार के बावजूद कार्रवाई नहीं
स्थानीय भाजपा नेता रितेश सिंह ठाकुर ने भी तिवारी पर लगातार आरोप लगाए, लेकिन कांग्रेस शासन में उन्हें संरक्षण मिला। भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार की शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जांच की मांग
स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं ने वित्तीय गबन की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर एफआईआर की मांग की है। जनता में इस मामले को लेकर आक्रोश है और सरकार से कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में कार्रवाई कर सरकार को जनता का विश्वास जितना चाहिए और ऐसे भृस्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होना चाहिए।