

डेस्क खबर बिलासपुर../ लगातार प्रदेश में अफीम की खेती के मामले सामने आने के मामले में बिलासपुर में अफीम की खेती के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय जनता पार्टी के जिला मुख्यालय का घेराव किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए और प्रदेश में अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने की मांग को लेकर नारेबाजी की।प्रदर्शन की सूचना पहले से मिलने पर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। जिला मुख्यालय के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई थी, ताकि प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका जा सके। जब कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पार कर मुख्यालय की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस जवानों और कांग्रेसियों के बीच झूमाझटकी की स्थिति बन गई। इस दौरान पुलिस के अफसरों से भी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की बहसबाजी और झुमाझटकी भी हुई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रदेश में अवैध रूप से अफीम की खेती बढ़ रही है, जिससे कानून व्यवस्था और सामाजिक माहौल पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और प्रदेश में अफीम की खेती पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
मौके पर स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की अपील की,और स्थिति नियंत्रित की ।
गौरतलब है छत्तीसगढ़ में सामने आए अवैध अफीम खेती के मामलों को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेशभर में इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में 12 मार्च को कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता जगह जगह भाजपा कार्यालयों का घेराव कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करा रहे हैं.. बिलासपुर में भी जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुराना बस स्टैंड करबला रोड स्थित भाजपा कार्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में अवैध नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। दुर्ग के बाद अब बलरामपुर जिले में भी करीब 5 एकड़ जमीन पर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आना बेहद चिंताजनक है।
कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ की पहचान हमेशा मेहनतकश किसानों और धान की खेती से रही है, लेकिन आज जिस तरह नशे की खेती के मामले सामने आ रहे हैं, वह पूरे प्रदेश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर यह अवैध कारोबार किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है और प्रशासन इसे रोकने में क्यों नाकाम साबित हो रहा है।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को दबने नहीं देगी और प्रदेश की जनता के हित में आवाज उठाती रहेगी। उनका कहना है कि यह प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता से जुड़े अहम मुद्दों को सरकार के सामने रखने का लोकतांत्रिक तरीका है।