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हाथियों के करीब जाना पड़ रहा भारी, युवक की मौत के बाद हरकत में आया अमला; ग्रामीणों को दी गई सख्त हिदायत



डेस्क खबर | गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।जंगल से सटे गांवों में हाथियों की मौजूदगी अब ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। वन विभाग की लगातार चेतावनियों के बावजूद लोग हाथियों को भगाने के लिए उनके नजदीक पहुंच रहे हैं। इसी लापरवाही के बीच रुमगा गांव में एक युवक की जान चली गई। घटना के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को एकत्रित कर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।


मिली जानकारी के अनुसार, रुमगा निवासी केमला पुरी, पिता विश्सू प्रसाद, उम्र 30 वर्ष, हाथी के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बताया जाता है कि गांव के आसपास हाथी की मौजूदगी देखकर कुछ लोग उसे खदेड़ने के इरादे से लाठी-डंडे और टॉर्च लेकर पहुंच गए। इसी दौरान हाथी ने आक्रामक होकर हमला कर दिया, जिसमें केमला पुरी की मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को उजागर किया है।



हादसे की सूचना मिलने पर कोटमी चौकी प्रभारी रामनिवास राठौर और रुमगा बीट प्रभारी सुरमड़ी मिश्रा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें समझाया कि हाथियों के सामने जाना या उन्हें डराकर भगाने का प्रयास करना जानलेवा साबित हो सकता है।


प्रशासन की ओर से लोगों को हाथी दिखाई देने पर उससे कम से कम 200 मीटर की दूरी बनाए रखने, तत्काल पुलिस अथवा वन विभाग को सूचित करने और रात के समय अकेले जंगल की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई। साथ ही खेतों में रात गुजारने से परहेज करने और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई।

इलाके में हाथी की मौजूदगी को देखते हुए सतर्कता बेहद जरूरी है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे उत्सुकतावश हाथी के पास न जाएं और न ही उसे भगाने के लिए भीड़ जुटाएं। समय रहते सूचना देना और सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही ऐसे हादसों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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