बिलासपुर में 3 लाख 38 हजार के चेक घोटाले में फंसे बैंक अधिकारी का छलका दर्द, बोले – अध्यक्ष और प्रबंधक खुद ले गए पैसा, मुझे किया जा रहा ब्लैकमेल !


डेस्क खबर बिलासपुर/बिल्हा सहकारी समिति गुमा से जुड़े तीन लाख अड़तीस हजार रुपए के चेक घोटाले मामले में नाम आने के बाद बैंक अधिकारी ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा है। अधिकारी का कहना है कि यह घटना 14 महीना पुरानी है, जिसमें समिति के अध्यक्ष और पूर्व प्रबंधक खुद चेक लेकर आए थे और भुगतान लेकर गए थे। अब प्रबंधक की मौत के बाद सारा आरोप उन पर डाला जा रहा है।
तीन चेकों पर हुआ था भुगतान
बैंक अधिकारी ने बताया कि समिति की ओर से अलग-अलग तारीखों के तीन चेक आए थे। एक चेक दो लाख बयासी हजार, दूसरा नवासी हजार और तीसरा एक लाख बयासी हजार रुपए का था। तीनों चेकों में प्रबंधक के हस्ताक्षर थे और उनके कर्मचारियों द्वारा भुगतान किया गया। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष राजकुमार और प्रबंधक दोनों एक साथ आते थे और पैसा लेकर जाते थे।
प्रबंधक की मौत के बाद उठा मामला
अधिकारी के अनुसार, संबंधित प्रबंधक शरद कश्यप का निधन करीब डेढ़ महीने पहले अगस्त में हुआ है। उनका आरोप है कि जब तक प्रबंधक जीवित था, तब तक चेक को लेकर कोई शिकायत नहीं आई। मौत के बाद अब यह मामला उठाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दो लाख बयासी हजार वाले चेक के संबंध में कार्यवाही रजिस्टर का पेज फटा होने की बात सामने आई है, जिसकी जानकारी समिति के अध्यक्ष या वर्तमान प्रबंधक ही दे सकते हैं।
ब्लैकमेलिंग का लगाया आरोप
बैंक अधिकारी ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें और उनके कर्मचारियों को फोन के माध्यम से ब्लैकमेल किया जा रहा है। 50 लाख रुपए की मांग की बात कही जा रही है, जिसकी रिकॉर्डिंग भी उनके पास होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ हुई एफआईआर जांच की प्रक्रिया है और वह जांच के लिए तैयार हैं, मामला अब कोर्ट में है।
निष्पक्ष जांच की मांग
अधिकारी ने शासन-प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि समिति के अध्यक्ष की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए और उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिवंगत प्रबंधक को अध्यक्ष द्वारा प्रताड़ित किया गया था। उनके अधीन कुल 14 समितियां आती हैं।
