जमीरा माइंस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, ब्लास्टिंग से श्रमिक सुविधाओं तक जांच की मांग




राहुल गुप्ता की रिपोर्ट
डेस्क खबर | कुसमी/जमीरा। सीएमडीसी की जमीरा माइंस में सुरक्षा इंतजामों और कर्मचारियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खदान परिसर में मवेशियों की मौजूदगी, पेयजल व्यवस्था और ब्लास्टिंग के दौरान सुरक्षित स्थान की उपलब्धता जैसे मुद्दों ने प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर ध्यान खींचा है। मामले में संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच किए जाने की जरूरत है।
ब्लास्टिंग के समय सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
माइंस में विस्फोट के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध व्यवस्था को लेकर सीएमडीसी अधिकारी दीपक गुप्ता से फोन पर जानकारी मांगी गई। इस पर उन्होंने बताया कि शेल्टर नहीं होने की स्थिति में हाईवा से 300 मीटर की दूरी बनाए रखने का विकल्प हो सकता है। हालांकि, इस दूरी का आधार और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया से इसका संबंध स्पष्ट होना बाकी है।

खनन क्षेत्र में ब्लास्टिंग के दौरान सुरक्षित स्थान, चेतावनी व्यवस्था और प्रभावित क्षेत्र को खाली कराना महत्वपूर्ण होता है। संबंधित विभाग को जांच करनी चाहिए कि जमीरा माइंस में अपनाए जा रहे उपाय स्वीकृत सुरक्षा योजना के अनुरूप हैं या नहीं।
मवेशियों की मौजूदगी से निगरानी पर सवाल
खदान परिसर में मवेशियों के घूमते दिखाई देने से प्रवेश नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को लेकर चिंता सामने आई है। प्रबंधन को स्पष्ट करना चाहिए कि परिसर की सीमाओं की सुरक्षा कैसे की जाती है और ब्लास्टिंग से पहले संबंधित क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है।

पेयजल और अन्य सुविधाओं की स्थिति भी जांच के दायरे में
श्रमिकों के लिए स्वच्छ पानी, विश्राम स्थल और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। इन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मौके पर निरीक्षण और कर्मचारियों से बातचीत की जानी चाहिए।

एसडीएम ने दिया जांच का आश्वासन
मामले में संपर्क किए जाने पर एसडीएम ने बताया कि वे फिलहाल बाहर हैं और लौटने के बाद संबंधित तथ्यों की जानकारी लेकर अवगत कराएंगे। अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
जमीरा माइंस में उठे सवालों के बीच जिला प्रशासन और खनन विभाग से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा है। कमियां सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई और आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए, ताकि श्रमिकों की सुरक्षा और खदान परिसर की निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
