रुमगा में हाथी का कहर, जिंदगी की जंग हार गया 30 वर्षीय युवक; गांव में पसरा मातम




दीपक गुप्ता की खास रिपोर्ट
डेस्क खबर | गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के रुमगा गांव में हाथी के हमले से जुड़ी दुखद घटना में एक युवक की जान चली गई। घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाए गए 30 वर्षीय केमला पुरी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मृतक की पहचान केमला पुरी, पिता विश्सू प्रसाद, निवासी रुमगा के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, गांव में मौजूद हाथी ने युवक पर हमला कर दिया था। हमले के दौरान हाथी ने उसे अपनी सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया।

पहले मरवाही सीएचसी पहुंचाया, फिर जिला अस्पताल किया गया रेफर
घटना के बाद परिजन घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। हालांकि, उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही रेफर कर दिया गया।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने युवक को बचाने के लिए उपचार किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस खबर के सामने आने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक की लहर फैल गई है।

इलाके में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीण चिंतित
स्थानीय जानकारी के अनुसार, पिछले कई दिनों से हाथियों का झुंड आसपास के क्षेत्र में विचरण कर रहा है। ऐसे में ग्रामीणों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हाथियों की आवाजाही से जनहानि और अन्य नुकसान की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, लोगों को समय रहते सतर्क करने और हाथियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की उठी मांग
रुमगा की इस घटना ने वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुरक्षा का मुद्दा फिर सामने ला दिया है। अब जरूरी है कि संबंधित विभाग प्रभावित इलाके की स्थिति का आकलन करे और ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की आशंका कम की जा सके।
