डेस्क खबरबिलासपुर

डंकाराम एक्सपोज़: सरकारी चावल का खेल बेनकाब? राशन दुकान से नगद लेन-देन का वीडियो सामने आया, परिवहन की गाड़ियों से चावल गायब होने के आरोपों ने बढ़ाई चिंता.



डेस्क खबर बिलासपुर../  गरीबों के हिस्से के सरकारी चावल को लेकर बिलासपुर में उठ रहे सवाल अब और गंभीर होते जा रहे हैं। एक के बाद एक सामने आ रहे वीडियो और शिकायतों ने पीडीएस चावल की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। ताजा वीडियो में एक दुकानदार द्वारा चावल के बदले कथित तौर पर नगद राशि दिए जाने का दृश्य सामने आया है। यह वीडियो मंगलवार का बताया जा रहा जिसमें देखा और सुना जा सकता है कि किस तरह बेखौफ होकर सरकारी चावल के बदले नगद पैसा देने का रिवाज चल रहा है। वीडियो सरकंडा क्षेत्र के शास्त्री नगर वार्ड क्रमांक 62 का बताया जा रहा है।लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में ला दिया है।




परिवहन से लेकर गोदाम और राइस मिल तक… आखिर किसका खेल?
आरोप है कि गरीब हितग्राहियों के लिए भेजे जाने वाले चावल का एक हिस्सा रास्ते में ही इधर-उधर किया जा रहा है। परिवहन में लगी गाड़ियों से चावल की कथित अफरा-तफरी की तस्वीरें सामने आने के बाद अब दुकानों से जुड़े नए वीडियो ने पूरे नेटवर्क की जांच की जरूरत बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी सुबह-सुबह परिवहन वाहनों से चावल अपने गोदाम में उतरवाते हैं। इसके बाद कथित तौर पर चावल को दूसरी बोरियों में भरकर बाजार या राइस मिलों तक पहुंचाया जाता है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही संभव है।
वीडियो और शिकायतें हैं तो कार्रवाई कहां है?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि विभाग के सामने वीडियो और शिकायतें पहुंच रही हैं, तो अब तक कितनी जांच हुई? कितने परिवहन वाहनों की जांच की गई? कितने गोदामों और राइस मिलों का भौतिक सत्यापन हुआ? और यदि अनियमितता मिली तो कितने लोगों पर कार्रवाई हुई?
पीडीएस व्यवस्था का मकसद गरीब हितग्राहियों तक उनका निर्धारित राशन पहुंचाना है। ऐसे में यदि सरकारी चावल की हेराफेरी के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल राशन दुकान की अनियमितता नहीं, बल्कि पूरी सप्लाई चेन की निगरानी पर गंभीर सवाल होगा। कल प्रकाशित खबर में भी डंकाराम वेब पोर्टल ने अन्नदूत परिवहन गाड़ी में हमाल द्वारा सरकारी चावल की हेराफेरी का वीडियो सहित खुलासा किया था। पड़ताल में पता चला है कि दुकानों को दिए जाने वाले चावल में कमी कर इसी तरह चावल की चोरी कर खुलेबाजार में बेचा जाता है और दुकानदारों को भनक तक नहीं लग पाती है। इस वीडियो सहित खबर लगने के बाद ट्रांसपोर्टर के द्वारा राशन दुकान संचालक को मैनेज करने की बात भी सामने आई है


डंकाराम के सवाल
क्या परिवहन से लेकर राइस मिल तक चावल की पूरी ट्रैकिंग हो रही है?
क्या जीपीएस रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर का मिलान कराया गया?
वीडियो में दिख रहे लेन-देन की जांच कब होगी?
जिन कारोबारियों पर आरोप लग रहे हैं, उनके गोदामों की जांच क्यों नहीं?


शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो जिम्मेदारी किसकी?
अब जरूरत आरोप-प्रत्यारोप की नहीं, बल्कि स्टॉक का भौतिक सत्यापन, परिवहन वाहनों की जांच, जीपीएस रिकॉर्ड की पड़ताल और वीडियो की तकनीकी जांच की है। यदि चावल की हेराफेरी का नेटवर्क सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
डंकाराम की पड़ताल जारी है। सामने आए वीडियो और दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि के बाद इस मामले की अगली कड़ी भी सामने लाई जाएगी। आज 12 बजे के बाद चावल चोरों के संदर्भ में एक सनसनीखेज खुलासा किया जाएगा जिसको देख विभाग और सरकार भी हैरान हो जायेगे। जल्द नाम सहित होगा खुलासा की इस खेल का मास्टर माइंड कौन है और किस राजनैतिक पार्टी से जुड़ा हुआ है ??


डंकाराम की पड़ताल जारी है। सामने आए वीडियो और दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि के बाद इस मामले की अगली कड़ी भी सामने लाई जाएगी। आज 12 बजे के बाद चावल चोरों के संदर्भ में एक सनसनीखेज खुलासा किया जाएगा जिसको देख विभाग और सरकार भी हैरान हो जायेगे। जल्द नाम सहित होगा खुलासा की इस खेल का मास्टर माइंड कौन है और किस राजनैतिक पार्टी से जुड़ा हुआ है ??

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