3 बच्चियों की मौत के बाद नहीं जागा शिक्षा विभाग..बर्तन धोने तालाब किनारे भेजी जा रहीं स्कूली बच्चियां! बनबांधा स्कूल का वीडियो वायरल होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल?




डेस्क खबर कोरबा../ एक तरफ स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर तमाम दावे किए जाते हैं, दूसरी तरफ पाली विकासखंड के बनबांधा स्कूल से सामने आया एक वीडियो इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जबकि कुछ दिनों पहले ही जिले में तीन मासूम बच्चियों की पानी में डूबने से मौत के बाद भी कोरबा जिले का शिक्षा विभाग सबक नहीं ले पाया है जो को अधिकारियों की घोर लापरवाही दिखाता है । इस वायरल वीडियो में कुछ स्कूली बच्चियां मध्यान्ह भोजन के बर्तन लेकर तालाब की ओर जाती और उन्हें धोकर वापस स्कूल की तरफ आती दिखाई दे रही हैं।वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के सवाल पर बच्चियों ने कथित तौर पर बताया कि वे बर्तन धोने गई थीं। यदि वीडियो और बच्चियों का यह कथन सही है, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि मध्यान्ह भोजन के बर्तन धोने की जिम्मेदारी आखिर मासूम छात्राओं पर क्यों?
मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि स्कूल के पास स्थित तालाब में बारिश के कारण पानी भरा हुआ बताया जा रहा है। ऐसे में बच्चियों को तालाब के किनारे भेजना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय बन सकता है। यहां सवाल किसी एक शिक्षक या कर्मचारी पर आरोप लगाने का नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी तय करने का है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि महज तीन दिन पहले पाली विकासखंड के बांधाखार प्राथमिक शाला की तीन छात्राओं की तालाब में डूबने से मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद भी यदि किसी स्कूल में बच्चियों को तालाब किनारे बर्तन धोने जाते हुए देखा जा रहा है, तो शिक्षा विभाग को मामले की तत्काल जांच करनी चाहिए। वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वे पूरे मामले की जांच कर स्पष्ट करें कि बच्चियों को बर्तन धोने के लिए तालाब तक किसके निर्देश पर भेजा गया था और उनकी सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था थी।मासूमों की सुरक्षा में जरा-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। सवाल सिर्फ बर्तन धोने का नहीं, सवाल है—स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों की सुरक्षा से जुड़ा है और साथ ही साथ मासूम बच्चियों की मौत के बाद सबक लेने से भी !
