
डेस्क खबर बिलासपुर ../ रक्षाबंधन की रात को हुई खपरगंज हिंसा में हर दिन नया मोड़ आ रहा है।सोशल मीडिया के माध्यम से नए नए वीडियो वायरल वीडियो हो रहे है जिसके कारण आरोपियों और पुलिस के दावों के बीच सच की तलाश जारी है। खपरगंज हिंसा की कहानी अब गिरफ्तारी से निकलकर वायरल वीडियो की जंग में पहुंच गई है। एक तरफ पुलिस दोनों पक्षों के अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, तो दूसरी तरफ फरार आरोपी राम सिंह का वीडियो सामने आते ही मामला फिर गरमा गया है। वीडियो में राम सिंह खुद को निर्दोष बताते हुए जल्द सरेंडर करने की बात कह रहा है, लेकिन साथ ही जेल में अपनी हत्या की आशंका भी जता रहा है। राम सिंह का दावा है कि धर्म के लिए लड़ने के कारण उसे अपराधी बनाया जा रहा है और पुलिस तथा कथित तौर पर कुछ लोगों द्वारा उसे टारगेट किया जा रहा है। अब सवाल यह है कि अगर वह खुद को निर्दोष मानता है तो सरेंडर करने में देरी क्यों? और अगर जल्द सरेंडर करने वाला है तो पुलिस के सामने पहुंचकर ही दावों की असली परीक्षा क्यों न हो?
सोशल मीडिया में वायरल वीडियो
इधर सोहेल का VIDEO,भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ था जिसमें उसने दावा किया था कि इस हिंसा में उसका किसी प्रकार से भी संबंध है।और न ही वह हिंसा का हिस्सा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सोहेल खान समेत छह आरोपियों को आमने-सामने पूछताछ के लिए लिया। इसके बाद आरोपियों का पैदल जुलूस भी निकाला गया। पुलिस के अनुसार सोहेल खान के खिलाफ पहले से 20 मामले दर्ज हैं।
लेकिन आरोपी सोहेल के सच की पोल उस समय खुल गई जब घटनास्थल से आए एक सीसीटीवी फुटेज में वह हथियार लहराता दिख रहा है। एडिशनल एसपी शहर के मुताबिक सामने आए CCTV फुटेज में सोहेल के हाथ में हथियार दिखाई देने और हवाई फायरिंग किए जाने का दावा है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घर से एयर पिस्टल और देशी कट्टा बरामद किए जाने की भी बात कही है।
खपरगंज हिंसा में पुलिस अब तक दोनों पक्षों से 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का दावा है कि हिंसा के मामले में कार्रवाई लगातार जारी है और फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। 28 अगस्त की रात सोशल मीडिया पर कथित टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट और पथराव में बदल गया था। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बल प्रयोग और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। भीड़ की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने की बात भी सामने आई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
एक तरफ राम सिंह वीडियो जारी कर अपनी सफाई दे रहा है, दूसरी तरफ पुलिस के पास CCTV फुटेज, गिरफ्तारियां और कथित हथियार बरामदगी जैसे दावे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रही बयानबाजी से ज्यादा अहम पुलिस जांच और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्य होंगे।
राम सिंह के भाई के ठिकानों पर भी पुलिस दबिश दे चुकी है, लेकिन उसका अब तक पता नहीं चल सका है। पुलिस को आशंका है कि फरार आरोपी अलग-अलग इलाकों में छिपे हो सकते हैं।
अब सवाल सिर्फ यह नहीं कि खपरगंज में पत्थर किसने चलाए—सवाल यह भी है कि वायरल वीडियो में कौन कितना सच बोल रहा है? राम सिंह का सरेंडर कब होगा, पुलिस के आरोप कितने सही साबित होंगे और हथियारों से जुड़े दावों की सच्चाई क्या निकलेगी? फिलहाल खपरगंज की पटकथा में गिरफ्तारियां जारी हैं, आरोपी फरार हैं और सोशल मीडिया पर सफाई के वीडियो चल रहे हैं। लेकिन अंतिम फैसला वायरल वीडियो नहीं, जांच और अदालत के साक्ष्य ही करेंगे।
