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एसीबी केस के बाद आबकारी विभाग की सख्ती, एक अधिकारी निलंबित तो दो को नोटिस ,विभाग में मचा हड़कंप




डेस्क खबर रायपुर।.छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने अनियमितताओं के आरोपों पर कार्रवाई तेज कर दी है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में पदस्थ आबकारी उपनिरीक्षक संतोष कुमार नारंग के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो में मामला दर्ज होने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं शराब की ओवररेटिंग और निर्धारित सीमा से अधिक बिक्री से जुड़े मामलों में दो अन्य आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

बालोद के मामले में सात दिन में जवाब देने के निर्देश

बालोद जिले से जुड़े एक मामले में तत्कालीन जिला आबकारी कार्यालय में पदस्थ रहे आबकारी उपनिरीक्षक आशाराम शाक्य के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान ग्राम अरकार में जब्त शराब की पेटियों और उन पर लगे होलोग्राम की जांच में निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में शराब की थोक बिक्री किए जाने की बात सामने आने का दावा किया गया।इस मामले को गंभीर मानते हुए अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और सात दिन के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

बलौदाबाजार में ओवररेटिंग की शिकायत पर नोटिस

दूसरा मामला बलौदाबाजार जिले से जुड़ा है। तत्कालीन आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव के खिलाफ विदेशी मदिरा दुकान के काउंटर पर निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेचे जाने की शिकायत मिली थी।शिकायत के आधार पर विभाग ने उन्हें भी कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है।
आबकारी विभाग की इन कार्रवाइयों को शराब बिक्री व्यवस्था में अनियमितताओं पर बढ़ती सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। अब संबंधित अधिकारियों के जवाब और विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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