रसूखदार ठेकेदार की मनमानी से करोड़ों की नाली सिरगिट्टी वासियों के लिए बनी मुसीबत! पहली बारिश में खुली निर्माण की पोल, सड़क से ऊंची नाली ने डुबोए तीन वार्ड ! भगवती कंस्ट्रक्शन पर बिजली विभाग से लेकर निगम प्रशासन मेहरबान .!!



डेस्क खबर बिलासपुर./ बिल्हा विधानसभा के अंतर्गत आने वाले सिरगिट्टी क्षेत्र में विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई जा रही नाली अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि आफत बन गई है। नगर निगम क्षेत्र के सिरगिट्टी के वार्ड क्रमांक 10, 11 और 12 में निर्माणाधीन नाली ने पहली ही बारिश में अपनी गुणवत्ता और तकनीकी खामियों की पोल खोल दी। जल निकासी की व्यवस्था सुधारने के लिए बनाई जा रही नाली के कारण अब बारिश का पानी सड़कों और घरों में भरने लगा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाली का निर्माण सड़क के स्तर से ऊंचा कर दिया गया है। इसके चलते वर्षों से बनी जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। हाल की बारिश में पानी नाली तक पहुंचने के बजाय सड़कों और घरों के आसपास जमा हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पानी निकालने के लिए निर्माणाधीन नाली के किनारों को तोड़ना पड़ा।
स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार भगवती कंस्ट्रक्शन के संचालक प्रशांत मिश्रा के रसूख और मनमानी के आगे निगम प्रशासन से लेकर बिजली विभाग भी नतमस्तक नजर आ रहा है। शायद यही कारण है कि नक्शे और स्टीमेट के विपरीत काम करने के आरोपों पर जांच के बाद नगर निगम जोन 2 के अधिकारियों ने नोटिस जारी करने के बाद भी काम को ठीक नहीं करवा पा रहा है उलटा निगम के नोटिस को डस्टबीन में डाल कर रसूखदार ठेकेदार अभी भी अपनी मनमर्जी से नाली निर्माण करवा रहा जिसका खामियाजा सिरगिट्टी क्षेत्रवासियों को भुगतना पड़ रहा है। इतना ही नहीं डायरेक्ट ट्रांसफार्मर से गीली सड़क पर बिखरे तारो और सुरक्षा से खिलवाड़ कर दिनदहाड़े बिजली चोरी करने के प्रमाणित वीडियो होने के बाद भी भगवती कंस्ट्रक्शन के खिलाफ बिजली चोरी के आरोप की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद भी बिजली विभाग ठेकेदार के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज नहीं करवा पा रहा है।सूत्रों का दावा है कि भगवती कंस्ट्रक्शन के संचालक का अपना रुतबा है जिसके दम पर वह क्षेत्र में मनमर्जी से नाली निर्माण कर रहा है और उसे बिजली विभाग और निगम जोन के अधिकारियों के साथ साथ क्षेत्र के एक छुटभैया नेता का संरक्षण मिला हुआ है।
रहवासियों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य तकनीकी मानकों और प्राकृतिक ढाल को ध्यान में रखकर किया जाता तो यह नौबत नहीं आती। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों और इंजीनियरों ने बिना सही योजना के निर्माण कराया, जिसका खामियाजा अब आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बाद में नाली को और गहरा कर खामी छिपाने की कोशिश की गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
इस पूरे मामले ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि बारिश का पानी सड़कों पर ही भर जाए तो ऐसे विकास कार्यों की उपयोगिता पर सवाल उठना लाजिमी है। क्षेत्रवासी अब पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।





नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सतनाम सिंह खनूजा ने इसे जनता के पैसों का खुला दुरुपयोग बताते हुए कहा कि नाली लोगों को राहत देने के लिए बनाई जाती है, लेकिन यहां बिना उचित योजना और तकनीकी परीक्षण के निर्माण कर क्षेत्रवासियों की परेशानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है।


