
डेस्क खबर बिलासपुर ./ बिलासपुर की धार्मिक नगरी रतनपुर के महामाया मंदिर गेट पर हुए विवाद में बीजेपी महिला नेत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए गीता प्रेस स्टॉल के संचालक ने विवाद का वीडियो सामने रखा है। संचालक राजू शर्मा ने वीडियो के माध्यम से दावा किया है कि बीजेपी अल्पसंख्यक महिला मोर्चा रतनपुर महामंत्री रिहाना बेगम ने उनकी आँखों के सामने एक वनवासी युवक को चप्पलों पर थूकने के बाद उसकी सरेआम पिटाई कर गरीब युवक के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया है। हालांकि पुलिस ने मामला सामने आने के बाद दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।मंदिर परिसर में गीता प्रेस का स्टॉल संचालित करने वाले राजू शर्मा ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने वनवासी बंधु के साथ कथित तौर पर बेहद अमर्यादित व्यवहार करते और चप्पल में थूककर मारते देखा। राजू शर्मा के मुताबिक, उनके पड़ोसी ईश्वर और मेघा प्रधान के साथ विवाद चल रहा था। उन्होंने इंसानियत के नाते बीच-बचाव किया, लेकिन उनका आरोप है कि मदद के लिए आगे आने के बावजूद उलटे उनके खिलाफ ही FIR दर्ज करा दी गई।
नोट..वीडियो में अश्लिल शब्दों के इस्तेमाल किया गया है कृपया महिलाओं और बच्चों को दूर रखें
गीता प्रेस स्टॉल संचालक के इतने गंभीर आरोपों और सामने आए वीडियो के बाद पूरे मामले में वनवासी समाज के सम्मान और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बीच-बचाव करने पर FIR, फिर वनवासी के सम्मान का क्या?
राजू शर्मा का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वे कानूनी लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। लेकिन उनका सवाल सीधा है—अगर किसी कमजोर और गरीब वनवासी के साथ सार्वजनिक स्थान पर कथित तौर पर मारपीट और अपमानजनक व्यवहार होता है, तो उसके न्याय की आवाज कौन उठाएगा?
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति के साथ हुए विवाद का मामला नहीं है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो मंदिर जैसे सार्वजनिक और धार्मिक स्थल पर यह व्यवहार बीजेपी की महिला नेत्री के लिए मुश्किले खड़ा कर सकते है
नोट..वीडियो में अश्लिल शब्दों के इस्तेमाल किया गया है कृपया महिलाओं और बच्चों को दूर रखें
रतनपुर को धार्मिक आस्था और महामाया मंदिर की पहचान के लिए जाना जाता है। ऐसे स्थान पर विवाद, कथित मारपीट और अपमानजनक व्यवहार के आरोपों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजू शर्मा ने सामाजिक संगठनों और वनवासी समाज से जुड़े लोगों से मामले में सामने आकर न्याय की आवाज बुलंद करने की अपील की है।
अब निगाहें पुलिस जांच पर हैं। कौन सही है और कौन गलत, इसका फैसला जांच और अदालत करेगी—लेकिन लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। वही पूरे मामले में रतनपुर पुलिस का कहना है कि इस तरह की कोई शिकायत थाने में नहीं आई है और ना ही दर्ज एफआईआर में इन आरोपों का उल्लेख किया है साथ ही रतनपुर पुलिस का कहना है कि जांच में यदि आरोप सही पाए जाते है तो दोषियों के खिलाफ कानून के आधार पर कार्यवाही करते हुए अन्य धाराएं भी जोड़ कर कानूनी कार्यवाही की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जायेगा।हालांकि इसकी भी पुष्टि नहीं हो पाई कई महिला नेत्री के द्वारा चप्पल से पिटाई करने वाला युवक किस समुदाय से है। युवक की असल पहचान भी पुलिस जांच से हो सकेगी।
नोट: चप्पल में थूककर मारने समेत लगाए गए आरोप राजू शर्मा के दावे हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच का निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
