


डेस्क खबर बिलासपुर./ बिल्हा विधानसभा के तिफरा स्थित समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय (ब्लाइंड स्कूल) में सरकारी व्यवस्थाओं की गंभीर लापरवाही सामने आई है। 10 जून 2026 को केंद्रीय राज्य मंत्री द्वारा विद्यालय परिसर में किए गए पौधरोपण के दौरान लगाए गए पौधे अब सूख चुके हैं। यह स्थिति तब है, जब विद्यालय में पौधों की देखरेख के लिए माली का स्वीकृत पद मौजूद है और उस पर कर्मचारी भी कार्यरत है।

जानकारी के अनुसार, माली के वेतन पर शासन हर महीने लगभग 50 हजार रुपये भी खर्च कर रहा है। इसके बावजूद पौधों की नियमित सिंचाई और देखरेख नहीं होने से पौधे सूख गए। इससे सरकारी धन के उपयोग और विभागीय जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब केंद्रीय मंत्री द्वारा स्वयं पौधरोपण किया गया था, तब भी यदि उन पौधों को सुरक्षित नहीं रखा जा सका, तो आम दिनों में विद्यालय परिसर के रखरखाव की स्थिति कैसी होगी?

पौधरोपण केवल औपचारिकता बनकर रह गया है या फिर जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल हैं?


स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन यदि लगाए गए पौधों को जीवित ही नहीं रखा जा सके तो ऐसे अभियानों का उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है। अब सवाल यह है कि क्या समाज कल्याण विभाग इस लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई करेगा, या फिर सरकारी धन की बर्बादी और कागजी पौधरोपण का सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा?


