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हैलो, मैं दिव्या बोल रही हूं…” और 21 करोड़ साफ!बिटकॉइन में मोटे मुनाफे का झांसा देकर मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी, नामी CA भी हुए शिकार..



डेस्क खबर मध्यप्रदेश ../  एक फोन कॉल… एक सोशल मीडिया फ्रेंड रिक्वेस्ट… और फिर करोड़ों की ठगी। “हैलो, मैं दिव्या बोल रही हूं… मेरी बात मानोगे तो बहुत कमाओगे…” इसी तरह की मीठी बातों में फंसाकर साइबर ठगों ने मध्यप्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे दिया।पीड़ित हैं मध्यप्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय, जिन्हें बिटकॉइन और क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर 21 करोड़ 6 लाख रुपये की चपत लगा दी गई।
जानकारी के अनुसार, ठगों ने पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती की, फिर लगातार चैटिंग कर भरोसा बनाया। शुरुआत में निवेश पर अच्छा मुनाफा दिखाकर विश्वास जीत लिया। इसके बाद धीरे-धीरे करोड़ों रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए गए।
जब फर्जी पोर्टल पर दिखाई जा रही 33 करोड़ 25 लाख रुपये की राशि निकालने की बारी आई, तब ठगों ने इनकम टैक्स, रिस्क मार्जिन और अन्य शुल्क के नाम पर 10 करोड़ 84 लाख रुपये और जमा कराने की मांग कर दी। यहीं से पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।पीड़ित ने 11 जुलाई को राज्य साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई और व्हाट्सएप चैट, बैंक ट्रांजेक्शन के स्क्रीनशॉट तथा 20 से अधिक बैंक खातों की जानकारी जांच एजेंसी को सौंपी।जांच में सामने आया कि ठगी की रकम फेडरल बैंक, ICICI बैंक, केनरा बैंक और YES बैंक सहित कई बैंकों के खातों में ट्रांसफर कराई गई। राज्य साइबर सेल ने तीन व्हाट्सएप नंबरों और एक फर्जी क्रिप्टो ट्रेडिंग पोर्टल की जांच शुरू कर दी है। संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराने, IP एड्रेस ट्रैक करने और गिरोह तक पहुंचने की कार्रवाई जारी है।

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