


डेस्क खबर कोरबा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अस्पताल परिसर से बाइक चोरी के आरोपी को पकड़ने के बाद सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों ने पुलिस को बिना सूचना कानून अपने हाथ में लेते चोर को तालिबानी स्टाइल में सजा दी। सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने बाइक चोर कोखंभे से बांधकर जमकर पीट दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन हुआ है और सवाल उठ रहे है कि जिले के मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा के नाम पर कानून राज चल या फिर बाउंसर राज चल रहा है।

जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा की जिम्मेदारी कामथेन कंपनी के पास है। रात्रि पाली में ड्यूटी कर रहे सुरक्षाकर्मी राजेंद्र पटेल की बाइक अस्पताल परिसर से चोरी हो गई थी। रात करीब 11:45 बजे वाहन चालक उत्तम ने दो युवकों को बाइक धक्का देकर ले जाते देखा। सूचना मिलते ही सुरक्षाकर्मियों ने पीछा किया और कोसाबाड़ी चौक के पास एक युवक विशाल सागर को पकड़ लिया।
लेकिन आरोपी को पुलिस के हवाले करने के बजाय सुरक्षाकर्मियों ने खुद ही न्यायाधीश और जल्लाद की भूमिका निभा दी। आरोपी को खंभे से बांधकर उसकी पिटाई की गई। वायरल वीडियो में कथित तौर पर आरोपी के साथ मारपीट करते सुरक्षा कर्मी दिखाई दे रहे हैं।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने कब्जे में लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कई चोरियों की बात स्वीकार की है। हालांकि बाइक मालिक की शिकायत दोपहर बाद दर्ज होने के कारण कानूनी कार्रवाई में देरी हुई।

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि सुरक्षा कर्मियों को किसी आरोपी को सजा देने का अधिकार किसने दिया? जब आरोपी पकड़ लिया गया था तो उसे सीधे पुलिस के हवाले क्यों नहीं किया गया? मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन कई बार बाउंसर और सुरक्षा कर्मियों पर कानून से ऊपर काम करने के आरोप लग चुके हैं।अब सवाल खड़े हो रहे है कि प्रदेश में कानून का राज चल रहा है या फिर बाउंसर राज? यदि हर संस्था अपने स्तर पर आरोपियों को पकड़कर सजा देने लगेगी तो न्याय व्यवस्था की भूमिका क्या रह जाएगी? अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट करने वाले सुरक्षा कर्मियों पर भी कोई कार्रवाई होती है या नहीं।