एक बार फिर चर्चा में है विधायक राजकुमार टोप्पो, गिरफ्तारी देने सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ भाजपा विधायक का शक्ति प्रदर्शन ! नायब तहसीलदार की SDM के सामने समर्थकों के साथ की थी मारपीट ,पुलिस ने किया था मामला दर्ज !!


डेस्क खबर ../ एक ओर पेट्रोल-डीजल बचाने की प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों से अपील कर रहे है ,वही दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में बीजेपी विधायक प्रधानमंत्री के आदेश को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे है,और सत्ता के रौब में शक्ति प्रदर्शन में ईंधन की खुली बर्बादी कर रहे है। और वजह बने है नायब तहसीलदार को चौक में समर्थकों के साथ पिटाई करने वाले सीतापुर से बीजेपी विधायक..
सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार वजह बना है उनका सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ शक्ति प्रदर्शन के साथ गिरफ्तारी देने पहुंचना। काफिले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने भाजपा विधायक को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और ईंधन बचाने की अपील करते रहे हैं ताकि विदेशी आयात पर निर्भरता घटाई जा सके। लेकिन सीतापुर विधायक के समर्थन में निकले सैकड़ों वाहनों के काफिले ने इन अपीलों पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि जब आम जनता पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों में खड़ी होकर महंगे दामों पर पेट्रोल-डीजल खरीदने को मजबूर है, तब एक राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के लिए इतनी बड़ी संख्या में वाहनों का इस्तेमाल आखिर किस संदेश को देता है। कई लोगों ने तंज कसते हुए लिखा कि क्या विधायक के काफिले में शामिल गाड़ियां पेट्रोल-डीजल नहीं बल्कि पानी से चल रही थीं?
गौरतलब है कि विधायक रामकुमार टोप्पो हाल ही में नायब तहसीलदार से कथित मारपीट के मामले को लेकर सुर्खियों में आए थे। आरोप है कि एसडीएम की मौजूदगी में विधायक और उनके समर्थकों ने नायब तहसीलदार के साथ मारपीट की थी। राजपुर इलाके में हुई शर्मनाक घटना में SDM ने भी मीडिया के सामने विधायक और उनके समर्थकों पर नायब तहसीलदार से उनके सामने हुई मारपीट की घटना विस्तार से बताई थी ।
इस मामले में पुलिस ने विधायक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। वहीं राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस घटना के विरोध में मोर्चा खोल रखा है।
अब गिरफ्तारी देने पहुंचे विधायक के विशाल काफिले का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। विपक्ष इसे भाजपा की कथनी और करनी का अंतर बता रहा है, जबकि सोशल मीडिया पर लोग जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल वायरल वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल इस विवाद पर विधायक या उनके समर्थकों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।