

वरिष्ठ पत्रकार अजय राय की कलम से
डेस्क खबर ../ छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। जिस जनपद सदस्य की दिनदहाड़े हत्या हुई… अब उसी सीट पर हत्या का मुख्य आरोपी चुनाव लड़ने मैदान में उतर गया है।
कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब बिलासपुर केंद्रीय जेल से पुलिस की भारी सुरक्षा के बीच हथकड़ी पहनकर नामांकन दाखिल करने पहुंचे हत्या के आरोपी मुस्ताक अहमद ने जनपद सदस्य पद के लिए चुनावी दफ्तर पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया।

मुस्ताक अहमद पर BJP नेता और जनपद सदस्य अक्षय गर्ग की हत्या का आरोप है। यही नहीं, जिस सीट पर उपचुनाव हो रहा है, वह सीट अक्षय गर्ग की हत्या के बाद रिक्त हुई थी। अब उसी सीट पर आरोपी का चुनाव लड़ना पूरे प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है।
बताया जा रहा है कि 23 दिसंबर 2025 को केशलपुर में अक्षय गर्ग की कुल्हाड़ी और चाकू से हमला कर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने उस समय पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। पुलिस जांच में राजनीतिक रंजिश को हत्या की बड़ी वजह माना गया था।
अब महीनों बाद वही मामला फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह और भी ज्यादा चौंकाने वाली है। भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच आरोपी मुस्ताक अहमद का नामांकन दाखिल करना कई सवाल खड़े कर रहा है।राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि आखिर हत्या के आरोपों से घिरा व्यक्ति चुनावी मैदान तक कैसे पहुंच गया? वहीं समर्थकों और विरोधियों के बीच माहौल भी गरमाने लगा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने छत्तीसगढ़ की राजनीति को नया और बेहद विवादित मोड़ दे दिया है।

एक तरफ मृतक नेता का परिवार इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा है ! दूसरी तरफ हत्या का आरोपी उसी कुर्सी पर कब्जे की तैयारी में जुटा है। छत्तीसगढ़ की सियासत का ये घटनाक्रम अब सिर्फ एक उपचुनाव नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा और विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। अब सवाल सिर्फ चुनाव का नही बल्कि सिस्टम और राजनीति की उस तस्वीर का है, जहां हत्या के आरोपों के बीच भी सत्ता की लड़ाई जारी है। चुनावी मैदान में बीजेपी नेता की हत्या के मुख्य आरोपी की एंट्री से छत्तीसगढ़ की राजनीति में बवाल मचना तय माना जा रहा है ।
