रक्षक या वसूली गैंग ! तत्कालीन SP समेत 4 पुलिसकर्मियों पर लूट-डकैती का केस दर्ज..कोर्ट ने पुलिस अफसरों को किया तलब !

डेस्क खबर ../ मध्यप्रदेश पुलिस परएक बार फिर गंभीर आरोप लगने से खाकी को शर्मशार होना पड़ा और पुलिस की कार्यवाही सवालों के घेरे में है। ग्वालियर जिला न्यायालय ने बड़ा और सख्त आदेश देते हुए तत्कालीन एसपी समेत चार पुलिसकर्मियों पर लूट, डकैती और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सभी आरोपियों को तलब करते हुए 22 जून को पेश होने के समन भी जारी किए हैं।
विशेष न्यायाधीश एडीजे सुनील दंडोतिया की अदालत ने तत्कालीन एसपी राजेश चंदेल, थाटीपुर थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह, एसआई अजय सिंह और कांस्टेबल संतोष वर्मा के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
पूरा मामला कथित तौर पर 30 लाख रुपए की अवैध वसूली से जुड़ा है। शिकायतकर्ता अनूप राणा ने आरोप लगाया था कि उसके भाई पर दर्ज 420 के मामले में समझौता कराने के नाम पर पुलिसकर्मियों ने पहले 5 लाख 80 हजार रुपए लिए, फिर 25 लाख रुपए और वसूले। आरोप है कि पैसे लेने के बाद भी पुलिस ने फरियादी को ही “420 का मास्टरमाइंड” बताकर जेल भेज दिया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने तत्कालीन एसपी राजेश चंदेल से भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद फरवरी 2024 में जिला न्यायालय में परिवाद दायर किया गया, जिस पर पिछले दो वर्षों से सुनवाई चल रही थी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने थाटीपुर थाने के सीसीटीवी फुटेज मांगे थे। पुलिस की ओर से जवाब दिया गया कि 3 जनवरी 2024 से पहले के फुटेज डिलीट हो चुके हैं। इस जवाब पर कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई और मामले को गंभीर मानते हुए एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है
क्या कानून की रक्षा करने वाली खाकी ही कानून तोड़ने लगी है?
और अगर आरोप सही हैं, तो आखिर आम जनता भरोसा किस पर करे?
फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।