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मरवाही के दानीकुंडी जंगल में आग: वन्यजीवों पर संकट, इंसानी जिम्मेदारी बढ़ी!

वरिष्ठ पत्रकार राकेश मिश्रा की कलम से

डेस्क खबर ../ मरवाही वन मंडल के दानीकुंडी क्षेत्र में एक बार फिर जंगल में आग भड़क उठी है, आग की लपटों के कारण उत्पन्न हुई गर्मी और तपिश के चलते पर्यावरण और वन्यजीवों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सड़क किनारे फैले सागौन के घने जंगल में लगी इस आग ने छोटे-छोटे पौधों को नष्ट कर दिया है और पूरे पारिस्थितिक तंत्र को प्रभावित किया है। यह इलाका जैव विविधता के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है, जहाँ चीतल और भालू जैसे कई वन्य जीव बड़ी संख्या में निवास करते हैं।



आग की तेज लपटों और धुएं के कारण ये बेजुबान जानवर अपने प्राकृतिक आवास से बाहर निकलने को मजबूर हो गए हैं। जान बचाने के लिए वे आबादी वाले क्षेत्रों और सड़कों की ओर रुख कर रहे हैं, जहाँ उन्हें वाहनों और अन्य खतरों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में आवारा कुत्तों के हमले में तीन चीतलों की मौत ने स्थिति की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। वन विभाग आग पर काबू पाने की कोशिशों में जुटा है, लेकिन इस चुनौती से निपटना केवल विभाग के बूते की बात नहीं है। जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए समाज के हर व्यक्ति को जिम्मेदारी समझनी होगी और जागरूकता के साथ सहयोग करना होगा।

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