डेस्क खबर

वेदांता पावर प्लांट दर्दनाक हादसा ,शुरुआती जांच में लापरवाही हुई उजागर ! महज 1से 2 सेकंड में बना ‘मानववध बम’, .! 20 मजदूरों की हुई है मौत !




वरिष्ठ पत्रकार दुर्गेश यादव की कलम से

डेस्क खबर ../सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुआ भीषण बॉयलर विस्फोट अब केवल एक हादसा नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का मामला बनकर सामने आया है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने इस त्रासदी को जन्म दिया। सुरक्षा में बड़ी चूक के चलते महज 1 से 2 सेकंड में मानववध जैसा बम बन गया
और मंगलवार दोपहर 2:33 बजे 2028 TPH क्षमता वाले वाटर ट्यूब बॉयलर में अचानक प्रेशर तेजी से बढ़ा। महज 1-2 सेकंड के भीतर स्थिति इतनी खतरनाक हो गई कि सिस्टम को संभालने का कोई मौका ही नहीं मिला। तेज दबाव के कारण अंदरूनी विस्फोट हुआ और पाइपलाइन तक फट गई।



एक घंटे में दोगुना किया गया लोड

जांच में सामने आया कि हादसे से पहले प्लांट का लोड 350 मेगावाट से बढ़ाकर करीब 590 मेगावाट कर दिया गया। इतनी तेज वृद्धि के लिए जरूरी तकनीकी संतुलन नहीं रखा गया, जिससे पूरा सिस्टम अस्थिर हो गया। पीए फैन खराब, फिर भी चालू रहा प्लांटरिपोर्ट के अनुसार, पीए (Primary Air) फैन में लगातार खराबी आ रही थी। सुबह 10:30 बजे ही लॉगबुक में इसकी एंट्री हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद संचालन जारी रखा गया।इस खराबी से हवा और ईंधन का संतुलन बिगड़ा और फर्नेस में अनबर्न फ्यूल जमा होता गया।अनबर्न फ्यूल बना विस्फोट की असली वजहविशेषज्ञों के मुताबिक, फर्नेस में जमा अधजला ईंधन अचानक भड़क गया, जिससे अत्यधिक दबाव बना और बॉटम रिंग हेडर के पाइप फट गए।



सेफ्टी सिस्टम भी रहा फेल

जांच में यह भी सामने आया कि सुरक्षा तंत्र समय पर सक्रिय नहीं हो पाया। बैकअप सिस्टम भी प्रभावी नहीं रहा, जिससे नुकसान कई गुना बढ़ गया। 20 मजदूरों की मौत, 16 घायलइस भीषण हादसे में 20 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। जिनका अभी भी अलग-अलग हॉस्पिटलों में इलाज जारी है


प्रशासन सख्त, FIR की तैयारी
औद्योगिक सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट एसपी को सौंप दी गई है। अब इस आधार पर FIR दर्ज की जाएगी। कलेक्टर ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दे दिए हैं।



वेदांता कंपनी द्वारा मुआवजे का ऐलान
कंपनी द्वारा मृतकों के परिजनों को ₹35 लाख और एक सदस्य को नौकरी घायलों को ₹15 लाख सहायता


मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹5 लाख (मृतक) और ₹50 हजार (घायल)

प्रधानमंत्री राहत कोष से ₹2 लाख (मृतक) और ₹50 हजार (घायल)

कांग्रेस ने बनाई जांच समिति प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 10 सदस्यीय जांच टीम गठित की है, जो घटनास्थल का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी जिसमें पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल इसी टीम में पूर्व मंत्री नोबेल कुमार वर्मा ,खरसिया विधायक उमेश पटेल ,चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू अकलतरा विधायक राघवेंद्र सिंह जांजगीर चांपा विधायक व्यास कश्यप पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंस शक्ति जिला कांग्रेस के अध्यक्ष रश्मिका गबेल, जांजगीर-चांपा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, यह समिति घटना स्थल के निरीक्षण में अपनी जांच रिपोर्ट देगी।।



बड़े सवाल अभी बाकी
चेतावनी के बावजूद प्लांट बंद क्यों नहीं किया गया क्या उत्पादन और मुनाफे के दबाव में सुरक्षा से समझौता हुआ, खराब सिस्टम के बावजूद बैकअप क्यों फेल रहा? प्रारंभिक जांच साफ संकेत देती है कि यह हादसा अचानक नहीं, बल्कि लगातार नजरअंदाज की गई चेतावनियों और लापरवाही का परिणाम था। तकनीकी खामियों और सुरक्षा नियमों की अनदेखी ने कुछ ही सेकंड में 20 जिंदगियां छीन लीं। फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई और विस्तृत जांच जारी है…

error: Content is protected !!