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“तू एसपी है, कलेक्टर है या मुख्यमंत्री?”— वर्दी के रौब का वीडियो वायरल, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल । मामले की जांच के लिए SP के निर्देश पर जांच टीम गठित ..



डेस्क खबर ../  छत्तीसगढ़ पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों को धमकाते पुलिसकर्मियों  का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर हो रहा है। वायरल वीडियो में एक पुलिसकर्मी ग्रामीण से गलत और अपमानजनक लहजे में बात करता सुनाई दे रहा है वीडियो में पुलिसकर्मी कहते सुनाई देता है तू कौन है, एसपी है, कलेक्टर है या मुख्यमंत्री? इस कथित बयान ने पुलिस के व्यवहार और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद विभाग सहित पूरे जिले में चर्चा चल रही है। जिसके बाद बलौदा बाजार भाटापारा जिले के एसपी ने पूरे मामले की जांच के आदेश जारी किए है।

नोट _वीडियो में गाली गलौज का इस्तेमाल किया गया है महिलाओं और बच्चों को आवाज से दूर रखें



धमतरी के बाद अब बलौदाबाजार पुलिस के वायरल वीडियो पर अनुशासन का पालन करने वाली खाकी पर सवाल खड़े हो रहे है। सवाल यह है कि क्या वर्दी का मतलब आम नागरिकों से इस तरह बात करने का अधिकार है? पुलिस से कानून का सम्मान करवाने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन जब कानून के रखवाले ही मर्यादा भूल जाएं तो जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा? मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने जांच टीम गठित कर तीन दिन के भीतर प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच केवल औपचारिकता साबित होती है या फिर अनुशासनहीनता पर वास्तव में कार्रवाई होती है। वर्दी की गरिमा बनाए रखने के लिए जवाबदेही तय होना भी उतना ही जरूरी है, जितना कानून का पालन करवाना।

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