

अजय राय की कलम से
डेस्क खबर – कोरबा जिले के कटघोरा में आयोजित होने वाली पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा से पहले ही बड़ा विवाद सामने आ गया। कथा के आयोजन को लेकर आयोजक और व्यवस्थापक के बीच जमकर झूमाझपटी हुई, जिससे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, इस धार्मिक आयोजन की जिम्मेदारी ‘अपना घर सेवा परिवार’ के अमरजीत सिंह और उनकी समिति के पास थी। लेकिन इसी बीच रायपुर के प्रॉपर्टी डीलर बसंत अग्रवाल ने खुद को आयोजक बताते हुए पूरे कटघोरा क्षेत्र में बैनर-पोस्टर लगाकर प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने आयोजन को हाईजैक करने की कोशिश की, जिससे विवाद और बढ़ गया। गौरतलब है कि भूमाफिया बसंत अग्रवाल के ऊपर गरीबों की जमीन हड़पने के कई आरोप लग चुके है और लगातार भूमाफिया अपने कारनामों के चलते मीडिया की सुर्खिया बने रहते है । रसूख और सत्ता से करीबी का हवाला देकर भूमाफिया बसंत अग्रवाल अपने आप को हनुमान भक्त बता कर जमीनों का धंधा कर करोड़पति बन चुका है और आए दिन विवादों में बना रहता है ।
रविवार रात करीब 8:30 बजे पंडित धीरेंद्र शास्त्री के आगमन के बाद, उनके ठहरने के स्थान अग्रसेन भवन में हंगामा शुरू हो गया। मुलाकात और बैठने की व्यवस्था को लेकर बसंत अग्रवाल और मुख्य आयोजक अमरजीत सिंह के बीच पहले तीखी बहस हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि बसंत अग्रवाल अपने रसूख के दम पर अपने खास मेहमानों को प्राथमिकता दे रहे थे, जिससे आयोजक पक्ष नाराज हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर मौजूद श्रद्धालु भी हैरान रह गए और कार्यक्रम की गरिमा प्रभावित होती नजर आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया गया और आपसी समझौता कराया गया। देर रात करीब 11 बजे स्थिति सामान्य होने के बाद पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं से मुलाकात कर आशीर्वाद दिया। लेकिन इस घटना के बाद एक बार फिर भूमाफिया बसंत अग्रवाल चर्चा का विषय बना हुआ है ।