

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सराफा कारोबारियों पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक बार फिर बदमाशों ने बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए सीपत स्थित रमेश ज्वेलर्स में लगभग 25 लाख रुपये की लूट कर ली। इस घटना के बाद व्यापारियों में दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, वारदात उस समय हुई जब दुकान संचालक शटर गिरा रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार तीन बदमाश मौके पर पहुंचे और व्यापारी के हाथ से तीन झोले छीनकर कुछ ही सेकंड में फरार हो गए। पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए।

बताया जा रहा है कि लूटे गए झोलों में करीब 60 ग्राम सोना और लगभग 8 किलो चांदी के आभूषण थे। बदमाश पहले से रेकी कर रहे थे या नहीं, इस एंगल से भी पुलिस जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही सीपत थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर दी गई है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है। लगातार हो रही घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सबसे गंभीर बात यह है कि हाल ही में सरकण्डा क्षेत्र में हुई बड़ी लूट के सभी आरोपी बिलासपुर नहीं लाए गए हैं और ना ही जब्त किया गया सोना और नगदी ?? जिससे पुलिस की जांच और गिरफ्तारी प्रक्रिया की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं। यदि पुलिस वास्तव में सक्रिय होती, तो लगातार दूसरी बड़ी वारदात की हिम्मत अपराधी नहीं जुटा पाते। इससे साफ प्रतीत होता है कि अपराधियों को पुलिस की निष्क्रियता का पूरा लाभ मिल रहा है।

लगातार हो रही लूट की घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि शहर में बीट प्रणाली, खुफिया निगरानी और पेट्रोलिंग पूरी तरह विफल हो चुकी है। पुलिस की ढीली कार्यप्रणाली और कमजोर निगरानी ने अपराधियों का मनोबल बढ़ा दिया है, जबकि व्यापारी वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। यदि पुलिस विभाग जल्द ही अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करता, तो यह स्थिति कानून व्यवस्था पर गंभीर संकट बन सकती है जिसका खामियाजा मासूम जनता को उठाना पड़ सकता है ।